बिन्दु-2


विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिको के कर्तव्य एवं उत्तरदायित्
 

              सहकारी समितियों के निबन्धन, विनियमन एवं समग्र विकास हेतु शासन द्वारा उ0प्र0 सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धारा-3(1) के अधीन निबन्धक की नियुक्ति की गई है। निबन्धक के प्रशासनिक कार्यो के प्रभावी ढंग से निर्वहन हेतु मुख्यालय, मण्डल, जनपद, तहसील तथा विकासखंड स्तर पर अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत होते है।
निबन्धक के कर्तव्य एवं दायित्व निम्न प्रकार है:-
1. सहकारी समितियों का निबन्धन कर समाज के प्रत्येक वर्ग की विकास मे सहभागिता सुनिश्चित करना।
2. समितियों का पर्यवेक्षण, निरीक्षण एवं उनकी जाच करना।
3. सहकारी अधिनियम की धारा-70 के अन्तर्गत सहकारी समितियों के मध्य अथवा सहकारी समिति एवं उसके सदस्य के मध्य विवाद की सुनवाई कर निर्णय देना।
4. सहकारी संस्थानों मे हुई हर प्रकार की अनियमितता की धारा-65 में जाच तथा उत्तर दायित्व निर्धारित करना।
5. सहकारी समितियों का आवश्यकतानुसार विभाजन, समितियों का विलयन एवं समितियो का परिसमापन किया जाना।