उत्तर  प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1965

धारायॅ  

अध्याय 1-प्रारम्भिक

1 संक्षिप्त शीर्ष नाम तथा प्रारम्भ
2 परिभाषाएं

अध्याय 2-सहकारी समितियों का निबन्धन

3 निबन्धक
4 समि‍तियॉ जो निबन्धित की जा सकती हैं
5 सीमित अथवा असीमित दायित्वपूर्ण निबन्धन
6 निबन्धन के लिए प्रार्थना पत्र 
7 निबन्धन
8 निबन्धन प्रमाण-पत्र
9 सहकारी समि‍तियॉ निगमित निकाय होगीं
10 सहकारी समिति का नाम परिवर्तन
11  दायित्व पर परिवर्तन
12 सहकारी समि‍तियॉ की उपविधियों का संशोधन
13 उपविधियों के संशोधन कब प्रचलित होगें
14  उपविधियों में संशोधन करने का निर्देश देने का अधिकार
15 सहकारी समिति का समामेलन और विलयन
16 सहकारी समितियों का विभाजन

अध्याय 3-सहकारी समितियों के सदस्य और उनके अधिकार तथा दायित्व

17  सहकारी समिति के कौन सदस्य हो सकते हैं
18 सदस्यों के वर्ग 
19 सदस्य उस समय तक अपने अधिकार का प्रयोग नहीं करेगा जब तक कि देय भुगतान न कर दिया जाये
20 सदस्यों के मत
21  मतदान की रीति
22 अंश धारण करने पर निबन्धन
23 अंश या हित के संक्रमण पर निर्बन्धन
24 किसी सदस्य की मृत्यु होने पर हित का संक्रमण
25 भूतपूर्व सदस्य की और मृत सदस्य की सम्पदा का दायित्व  
26 सदस्य बनाना अथवा सदस्यता छोड़ना
26क प्रारम्भिक कृषि ऋण समितियों के सर्वव्यापी सदस्यता
27 सदस्य या समिति का निबन्धक द्वारा हटाना या निकाला जाना

अध्याय 4-  समितियों का प्रबन्ध  

28 सहकारी समिति में अन्तिम अधिकार
29 प्रबन्ध कमेटी
29क प्रारम्भिक कृषि ऋण समितियों, केन्द्रीय सहकारी बैंको एवं शीर्ष बैंक के लिए विशेष उपबन्ध   
30 सभापति
30क सभापति या उपसभापति के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव
31  सचिव, उसकी उपलब्धियां और कृत्य
31क शीर्ष समितियों के लिए सचिव के स्थान पर प्रबन्ध निदेशक की नियुक्ति
32 वार्षिक सामान्य बैठक
33 अन्य सामान्य बैठक
34 प्रबन्ध कमेटी में सरकार द्वारा नाम-निर्दिष्ट व्यक्ति
35 प्रबन्ध कमेटी का अवक्रमण व निलम्बन
35क 35क
36 अभिलेख कब्जे में लेना
37 अभिलेख आदि के अभिग्रहण करने के सम्बन्ध में निबन्धक के आपातिक अधिकार
38 सहकारी समिति के अधिकारी को हटाया जाना

अध्याय 5- सहकारी समितियों के विशेषाधिकार

39 सहकारी समिति का कतिपय परिसम्पत्तियों पर प्रथम प्रभार
40 कतिपय दशाओं में समिति के दावे को पूरा करने के लिए वेतन से कटौती
41 सहकारी समिति की पूजी में सदस्यों के अंशों या हितों के सम्बन्ध में प्रभार और मुजराई
42  अंश या हित की कुर्की न हो सकेगी
43 संलेखों के अनिवार्य निबन्धन से मुक्ति

अध्याय 6- सहकारी समितियों को राज्य की सहायता

44 सरकार द्वारा सहकारी आन्दोलन को बढ़ावा देना
45 प्रमुख राज्य भागिता-निधि
46 सहायक राज्य भागिता-निधि
47 अंशों के क्रय के लिये राज्य सरकार का अनुमोदन
48 कतिपय अंशों के सम्बन्ध में दायित्व का सीमित होना
49 लाभांश की धनराशि पर निर्बन्धन
50 शीर्ष तथा केन्द्रीय समितियों की क्षतिपूर्ति
51 अंशपूंजी और लाभांश आदि का निस्तारण
52 शीर्ष या केन्द्रीय समिति के समापन पर प्रमुख राज्य भागिता-निधि तथा सहायक राज्य भागिता-निधि का निस्तारण
53 प्रमुख राज्य भागिता-निधि परिसम्पत्तियों तथा सहायक राज्य भागिता-निधि के भाग न होगे
54  धन की व्यवस्था करने के लिए निर्बन्धन की शर्त
55 सहकारी समितियों को राज्य की सहायता देने की अन्य रीतियॉ
56 इस अध्याय के उपबन्ध अन्य विधियों को अभिभूति करेगें

अध्याय 7-सहकारी समितियों की सम्पत्ति और निधिय

57 निधियों का विभाजन नहीं होगा
58 शुद्ध लाभ का निस्तारण
59 निधियों का विनियोजन
60 उधार लेने पर निर्बन्धन
61 ऋणों पर निर्बन्धन
62 सदस्यों से भिन्न व्यक्तियों के साथ अन्य व्यवहारों पर निर्बन्धन
63 अंशदायी भविष्यनिधि

अध्याय 8-लेखा परीक्षा, जांच, निरीक्षण और निर्धारण

64 लेखा परीक्षा
65 निबन्धक द्वारा जांच
66 सहकारी समिति की बहियों और  सम्पत्ति का निरीक्षण
67 जांच का व्यय
68 अधिभार
69  त्रुटि सुधार आदेश का निबन्धक का अधिकार

अध्याय 9-विवादों का निपटारा

70 विवाद जो मध्यस्थ निर्णय के लिए भेजे जा सकतें हैं
71 मध्यस्थ को विवाद का अभिदेश
71क ऋणदाता समिति का ऋण समिति और उसके सदस्यों के विरूद्ध अधिकार

अध्याय 10-सहकारी समितियों का समापन और विघटन

72 सहकारी समितियों का समापन
73 परिसमापक
74 परिसमापक के अधिकार
75 समापन और विघटन के मामलों के वाद पर रोक
76 सहकारी समिति के निबन्धन का रदृ किया जाना

अध्याय 11-सहकारी कृषि समि‍तियॉ

77 सहकारी कृषि समितयों का निबन्धन
78 निबन्धन की कतिपय अपेक्षायें
79  निबन्धन के परिणाम
80 सदस्य का पागल हो जाना
81 नये सदस्यों का प्रवेश
82 सदस्यता समाप्त होने का प्रभाव
83 दायाद सहकारी कृषि समिति के सदस्य होने के हकदार होगें
84 सहकारी कृषि समिति द्वारा धारित भूमि चकबन्दी
85 लाभ का वितरण
86 सहकारी कृषि समिति का अपने द्वारा भूमि के बन्धक पर ऋण देने का अधिकार
87 सहकारी कृषि समिति के लिए रियायतें एवं सुविधायें
88 नियम बनाने का अधिकार
89  परिभाषायें
90 अन्य विधि की अपेक्षा अध्याय के उपबन्धों का अभिभावी होना

अध्याय 11क-बीमाकृत सहकारी बैंक

90क निर्वाचन
90ख बीमाकृत सहकारी बैंको पर लागू होने वाले विशेष उपबन्ध
90ग 90ग
अध्याय 12-सहकारी समितियों के सदस्य और उनके अधिकार तथा दायित्व 
91 प्रभार का प्रवर्तन
92 कतिपय आदेशों तथा अभिनिर्णयों का निष्पादन
92क अमीन और कर्मचारियों की नियुक्ति
92ख सहकारी संग्रह निधि
93 कतिपय प्रयोजनों के लिए निबन्धक या उसके द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति दीवानी न्यायालय होगा
94 अभिनिर्णय या आदेश के पूर्व  सम्पत्ति  की कुर्की
95 सरकार की देय धनराशि की वसूली
95क कृषि समिति के देयों की वसूली के लिए विशेष उपबन्ध

अध्याय 13-अपील तथा पुनर्विलोकन

96  सहकारी न्यायाधिकरण
97  निबन्धक के अभिनिर्णय के विरूद्ध अपील
98 अन्य अभिनिर्णयों, आदेशों तथा निर्णयों के विरूद्ध अपील
99 अपीलीय अधिकारी के आदेश का पुनर्विलोकन
100 अन्तरिम आदेश
101 अपीलों संक्रमण
102 आदेशों और निर्णयों का होना

अध्याय 14-अपराध और शास्तिय

103 अधिनियम के अधीन अपराध
104 104
104क अपराधी का शमन
105  अपराध संज्ञान

अध्याय 15-विधिक तथा संक्रमणकालीन उपबन्ध

106 शब्द सहकारी या कोआपरेटिव का प्रयोग करने की प्रतिषेध
106क बैंक से भिन्न अन्य सहकारी समिति द्वारा कतिपय शब्दों का प्रयोग करने का प्रतिषेध
107 सहकारी समिति का पता
108 Copies of Act etc. to be open for inspection
109 कतिपय मामलों में न्यायाधिकरणों आदि को दीवानी न्यायालय के अधिकार
110 इण्डियन लिमिटेशन एक्ट, 1963 से छूट
111  न्यायालय के क्षेत्राधिकार पर रोक
112 निबन्धन की शर्तों से समितियों को छूट देने का अधिकार
113 समितियों के वर्ग को छूट देने का अधिकार
114 सदस्यों का रजिस्टर
115 सहकारी समितियों की बहियों में प्रविष्टियों की सिद्धि
115क Pass-Book to members
116 अधिनियम के अधीन नोटिस की तामील
117 वादों के लिए नोटिस का होना आवश्यक
117क कतिपय मामलों के मुकदमों पर होने वाले व्यय का नियंत्रण
118 कतिपय त्रुटियों के कारण सहकारी समितियों के कार्य अमान्य नहीं किये जायेगें
119 प्रमुक्ति
120 सहकारी समिति के सचिव, प्रबन्धक आदि के रूप में नियुक्तिया के लिए अर्हताएं
121 निबन्धक का समितियों में सेवायोजन की शर्तें अवधारित करने कर अधिकार
122 सहकारी समिति के कर्मचारियों पर नियंत्रण रखने वाला प्राधिकारी
122क कतिपय सेवाओं का विकेन्द्रीकरण
123 सहकारी समितियों के कार्य संचालन का पर्यवेक्षण करने के लिए सहकारी संघ प्राधिकारी का संघटन या उसे मान्यता देना
123क Functions of apex society
124  निबन्धक तथा अधिकारी लोक सेवक होगें
125  सहकारी समितियों का समामेलन या विलयन का निदेश देने का प्राधिकार
125क  सहकारी चीनी मिलों के सम्बन्ध में विशेष प्राविधान
126 किसी सहकारी समिति को दो या अधिक सहकारी समितियों के विभाजित करने का निर्देश देने का निबन्धक का अधिकार
127 वसूल न की जाने वाली परिसम्पत्तियों का बट्टे खाते में डाले जाना
128 कतिपय मामलों में सहकारी समिति के संकल्पों को निष्प्रभाव करने या सहकारी समिति के किसी अधिकारी के आदेश को रद्द करने का निबन्धन का अधिकार-निबन्धक
129 किसी सहकारी समिति को भूमि-विकास बैंक के रूप में कार्य करने के लिए अनुज्ञा देने का निबन्धक या अधिकार
130 नियम बनाने का अधिकार
131  वर्तमान समितियों तथा उनकी उपविधियों के सम्बन्ध में उपबन्ध
132 वर्तमान समितियों के सम्बन्ध में अन्य उपबन्ध
133 कठिनाईयों के निवारण करने का अधिकार
134  निरसन संशोधन तथा अधिनियमितयाओं का अन्वय लगाना
135 कतिपय अधिनियमों का सहकारी समितिर लागू न होना
 

उत्तर  प्रदेश सहकारी समिति नियमावली, 1968

अध्याय 1-प्रारम्भिक
1  संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ परिभाषाएं
2  
 

3-12

अध्याय 2 - निबन्धन

 

13-23

अध्याय 3- उपविधियां
 

24-37

अध्याय 4- उपविधियां का संशोधन के सम्बन्ध में प्रक्रिया
 

38-64

अध्याय 5- सदस्यता

 

65-82

अध्याय 6- अंश
 

83-89

अध्याय 7- सहकारी समितियों के सामान्य निकाय का संगठन

 

90-112

अध्याय 8- बैठक
 

113-123

अध्याय 9-प्रबन्ध कमेटी

 

123क-123न

अध्याय 9क- प्रशासक कमेटी
 

124-131क

अध्याय 10- सचिव
 

132-135

अध्याय 11- सहकारी समितयों को राज्य की सहायता
 

136-172

अध्याय 12- सहकारी समितियों की परिसम्पति और निधिय
 

173-177

अध्याय 13- निधियों का विनियोजन
 

178-186

अध्याय 14-उधार लेने पर निर्बन्धन
 

187-200

अध्याय 15- ऋणों पर निर्बन्धन
 

201-204

अध्याय 16-अंशदायी भविष्य निधि
 
205-224

अध्याय 17- लेखा-परीक्षा

 
225-251

अध्याय 18- विवादों का निपटार

 
252-269

अध्याय 19-अपील और पुर्नविलोकन

 
270-290

अध्याय 20- सहकारी समितियां का समापन और विघटन

 
291-311

अध्याय 21-सहकारी कृषि समि‍तियॉ

 
312-354

अध्याय 22-अभिनिर्णयों, डिक्रियों, आदेशों तथा निर्णयों का निष्पादन

 
355-363

अध्याय 23-शुल्क तथा व्यय

 
364-366

अध्याय 24-लेखा-पुस्तक अर्थात रजिस्टर जो सहकारी समिति द्वारा रखे जायेगें

 
367-372

अध्याय 25- सहकारी समितियों द्वारा जो विवरण-पत्र, प्रतिवेदन, विवरणियां तथा सूचना प्रस्तुत करना है

 
373-376

अध्याय 26-लेख्यों का निरीक्षण और उनकी प्रमाणिक प्रतियां देना

 
377-389

अध्याय 27-अवैतनिक आयोजकों तथा अवैतनिक प्रबन्धकों के कर्तव्य तथा कृत्य और भत्तो तथा मानदेय का भुगतान

 
390-401

अध्याय 28- विविध

 
402-465

अध्याय 29-सहकारी समितियों के निर्वाचन सम्बन्धी नियम एवं प्रपत्र एवं परिशिष्ट

सेवानियमावली
(अनुसूची)
1 उत्तर  प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी सेवा नियमावली, 1975
2 उत्तर  प्रदेश सहकारिता विभाग लिपिक वर्ग सेवा नियमावली, 1977
3  उत्तर  प्रदेश सहकारी सेवा नियमावली, 1979
4 अधीनस्थ सहकारी सेवा नियमावली, 1979
5 उत्तर  प्रदेश(सहकारी समिति केन्द्रीयित सेवाओं के पदों पर) तदर्थ नियुक्तियों का विनियमितकरण नियमावली, 1985
6 सहकारी केन्द्रीयित सेवा नियमावली, 1976
7 उत्तर  प्रदेश प्रारम्भिक कृषि सहकारी ऋण समिति केन्द्रीयित सेवा नियमावली, 1976
8 उत्तर  प्रदेश सहकारी उपभोक्ता भण्डार केन्द्रीयित सेवा नियमावली, 1979
9 प्रारम्भिक कृषि ऋण सहकारी समितियों में जमा निक्षेपों के लिए विशेष गारन्टी योजना नियमावली,1977
10 The Uttar Predesh Co-operative Collection Fund and the Amin and Other Staff Service Rules,2002
11 The Uttar Pradesh Agricultural Co-operative Credit Structure Management and Development Rules, 2006
  नया वेतनमान