धारा-30. सभापति - 1[(1) प्रत्येक सहकारी समिति का एक सभापति और उप सभापति होगा जो इस अधिनियम, नियमों और उपविधियों के उपबन्धों के अनुसार निर्वाचित, नाम निर्दिष्ट या नियुक्त किया जायेगा।
(2) सभापति समिति के मामलों तथा कार्य के नियन्त्रण, पर्यवेक्षण तथा पथ पर्दशन के लिए उत्तरदायी होगा और ऐसे अधिकारों का प्रयोग और ऐसे कर्तव्यों का पालन करेगा जो इस अधिनियम, नियमों, उपविधियों तथा प्रबन्ध कमेटी के संकल्पों द्वारा प्रदत्त या आरोपित किये जायें उपस्थित रहने पर, वह नियमों में अन्यथा की गयी व्यवस्था के अधीन रहते हुए सामान्य निकाय तथा प्रतिबन्ध कमेटी की बैठकों की अध्यक्षता करेगा।
(3) उप सभापति, नियमों में अन्यथा की गयी व्यवस्था के अधीन रहते हुए, सभापति की अनुपस्थिति में सामान्य निकाय तथा प्रतिबन्ध कमेटी की बैठकों की अध्यक्षता करेगा और ऐसे अधिकारों का प्रयोग तथा कर्तव्यों का पालन करेगा जो ऐसे उपविधियों के अधीन रहते हुए, सभापति द्वारा लिखित रूप से प्रतिनिहित किये जायें:
2[(4) सभापति की मृत्यु पदत्याग या हटाये जाने के कारण अथवा अन्य प्रकार से उसका पद रिक्त होने की दशा में उप-सभापति उस दिनांक तक सभापति के कर्तव्यों का पालन करेगा जब तक कि नया सभापति यथाविधि निर्वाचति, नाम निर्दिष्ट या नियुक्त न हो जाय ]।