32. वार्षिक सामान्य बैठक -(1) सहकारी समिति के सामान्य निकाय की एक बैठक (जिसे आगे वार्षिक सामान्य बैठक कहा गया है) निम्नलिखित प्रयोजनों के लिए सहकारी वर्ष में ऐसी अवधि के भीतर जो निय की जाये, एक बार होगी -
(क) प्रबन्ध कमेटी द्वारा आगामी सहकारी वर्ष के लिए तैयार किये गये समिति के कार्यकलापों का अनुमोदन,
(ख) नियमों और समिति की उपविधियों के 1[उपबन्धों के अनुसार प्रबन्ध कमेटी के सदस्यों का निर्वाचन, यदि कोई होना हो,
(ग) गत सहकारी वर्ष के रोकडऋ-पत्र (Balance Sheet) और वार्षिक प्रतिवेदन पर विचार सिवाय उस दशा के जबकि नियमों में निर्दिष्ट अवधि के भीतर लेखा-परीक्षा पूरी न हुई हो,
(घ) गत सहकारी वर्ष के लेखा-परीक्षा प्रमाण-पत्र और लेखा-परीक्षा प्रतिवेदन पर निय रीति से विचार, सिवाय उस दशा के जब नियत अवधि के भीतर लेखा-परीक्षा पूरी न हुई हो,
(ड़) आगामी सहकारी वर्ष के लिए समिति का अधिकतम दायित्व निश्चित करना,
(च) शुद्ध लाभ का निस्तारण,
(छ) आगामी सहकारी वर्ष के बजट पर विचार, और
(ज) ऐसी किसी अन्य विषय पर विचार जो उपविधियों के अनुसार उसके समक्ष लाया जाये।
(2) धारा 31 में किसी बात के होते हुए भी, सचिव का, और सचिव की अनुपस्थिति में प्रबन्ध कमेटी के सभापति का यह कर्तव्य होगा कि वह उपधारा (1) के उपबन्धों के अनुसार वार्षिक सामान्य बैठक बुलाये और ऐसा न करने पर निबन्धक या उसके द्वारा तदर्थ यथाविधि, प्राधिकृत व्यक्ति वार्षिक सामान्य बैठक बुला सकता है।