धारा-37. अभिलेखों आदि के अभिग्रहण करने के सम्बन्ध में निबन्धक के आपातिक अधिकार- (1) यदि निबन्धक का समाधान हो जाये कि सहकारी समिति के बहियों तथा अभिलेखों में हस्तक्षेप किये जाने की सम्भावना है या समिति की निधि और सम्पत्ति का दुर्विनियोग अथवा दुष्प्रयोग किये जाने की संभावना है तो निबन्धक किसी व्यक्ति को, जो उसके द्वारा लिखित रूप के यथाविधि प्राधिकृत किया गया हो आदेश दे सकता है कि वह समिति की ऐसी बहियों अभिलेखों, निधियों तथा सम्पत्ति का अभिग्रहण करें तथा उन्हें अपने कब्जे में ले ले और समिति का वह या वे अधिकारी को ऐसी बहियों, अभिलेखों, निधियों तथा सम्पत्ति की अभिरक्षा के लिए उत्तददायी हो उन्हें इस प्रकार प्राधिकृत व्यक्ति के सुपुर्द कर देंगे।
(2) उपधारा (1) के अधीन निबन्धक द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति उक्त आदेश का निष्पादन करने के लिए, निकटतम थाने के प्रभारी अधिकारी से आवश्यक पुलिस सहायता देने का अनुरोध कर सकता है और तदोपरान्त ऐसा पुलिस अधिकारी ऐसी सहायता देगा।