धारा-72. सहकारी समितियों का समापन.- (1) यदि धारा 65 के अधीन जच हो जाने अथवा धारा 66 के अधीन निरीक्षण का लिए जाने के पश्चात् अथवा सहकारी समिति के कम से कम तीन चौथाई सदस्यों द्वारा दिये गये प्रार्थना-पत्र के प्राप्त होने पर, निबन्धक की यह राय हो कि समिति का समापन हो जाना चाहिये, तो वह उसके समाप्ति कर दिये जाने के आदेश दे सकता।
(2) निबन्धक स्वतः तथा ऐसे नोटिस देने के पश्चात् जो नियत किया जाये निम्नलिखित दशाओं में सहकारी समिति को समाप्ति कर देने का आदेश दे सकता हैः
(क) यदि सहकारी समिति का निबन्धन  कपट या भूल से प्राप्त किया गया हो; अथवा
(ख) यदि साधारण सदस्यों की संख्या उस न्यूनतम संख्या से भी कम हो गयी हो, जो धारा 6 द्वारा ऐसी समिति के निबन्धन के लिए व्यवस्थित है; अथवा
(ग) यदि सहकारी समिति ने समुचित समय के भीतर कार्य करना आरम्भ न किया हो अथवा कार्य करना बन्द कर दिया हो; अथवा
(घ) यदि सहकारी समिति अपना उददेश्य पूरा न कर रही हो या धारा 7 की उपधारा (1) के खण्ड (घ) की अपेक्षाओं की पूर्ति न कर रही होः