धारा-75. समापन और विघटन के मामलों में वाद पर रोक.- इस अधिनियम में स्पष्ट रूप से की गई व्यवस्था के अधीन रहते हुए, कोई दीवानी न्यायालय इस अधिनियम के अधीन किसी सहकारी समिति के समापन या विघटन से सम्बन्धित किसी मामले का संज्ञान नहीं करेगा और यदि समापन का कोई आदेश दिया गया हो तो समिति के विरूद्ध निबन्धक की अनुमति के बिना अथवा उसके द्वारा आरोपित शर्तों के अनुसरण से अन्यथा कोई वाद या विधिक कार्यवाही नहीं की जायेगी।