धारा-81. नये सदस्यों का प्रवेश.- (1) कोई व्यक्ति, जो उस मण्डल का जिसमें सहकारी कृषि समिति बनाई गयी हों, निवासी हो या जो उसमें बसने का विचार करता हो या उसमें खेती करता हो, ऐसी शर्तों और निर्बन्धनों के अधीन उस समिति का सदस्य बनाया जा सकता है जो समिति की उपविधियों में निर्धारित हो।
(2) कोई आवश्यक अथवा पागल जो भूमिधर या सीरदार के रूप में मण्डल में भूमि धारण करता हो, यथास्थिति, अपने विधिक संरक्षक अथवा अभिभावक (curator) के माध्यम से उस मण्डल में किसी सहकारी समिति का सदस्य बनाया जा सकता है और ऐसी दशा में संरक्षक या अभिभावक, अवयस्क या पागल की ओर  से इस प्रकार कार्य कर सकता है मानों वह स्वयं सदस्य हो।
(3) यदि कोई व्यक्ति इस शर्त पर सदस्य बनाया जाये कि वह अंशदान के रूप में समिति को भूमि देगा, तो भूमिधर या सीरदार के रूप में मण्डल में उसके द्वारा धारित भूमि समिति के कब्जे, नियन्त्रण और प्रबन्ध में संक्रमित हो जायेगी और धारा 79 के उपबन्ध उस पर प्रवृत्त होंगे।