धारा-83. दायाद सहकारी कृषि समिति के सदस्य होने के हकदार होंगे- यदि किसी सदस्य की, जिसकी भूमि सहकारी कृषि समिति द्वारा धारित हो, मृत्यु हो जाये, तो 1950 के उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि-व्यवस्था अधिनियम, (1951 ई0 का उत्तर प्रदेश अधिनियम सं0 1) के अधीन उसके दायाद ऐसी भूमि के सम्बन्ध में समिति के सदस्य हो जायेंगे और यदि कोई दायाद अव्यस्क या पागल हो, तो यथास्थिति उसका विधिक संरक्षक अथवा अभिभावक उसकी ओर से इस प्रकार कार्य करेगा मानों वह स्वयं सदस्य हो।