धारा-84. सहकारी कृषि समिति द्वारा धारित भूमि की चकबन्दी.- (1) प्रत्येक सहकारी कृषि समिति का यह कर्तव्य होगा कि वह अपने द्वारा धारित भूमि की चकबन्दी (consolidation) के लिये कार्यवाही करे।
(2) सहकारी कृषि समिति परगना के प्रभारी सहायक कलेक्टर की अपने द्वारा धारित भूमि की चकबन्दी के लिये प्रार्थना-पत्र दे सकती है जिसमें ऐसे विवरण दिये जायेंगे जो नियत किये जायें।
(3) सहायक कलेक्टर, केवल उस दशा को छोडकर जब वह ऐसा करना इष्टकर न समझे जिसके कारणों को अभिलिखित करेगा, भूमि की चकबन्दी के लिये आदेश देगा। एतदर्थ वह मण्डल के भीतर भूमि के विनिमय (exchange) का निदेश भी दे सकता है।
(4) भूमि के विनिमय का निर्देश देते समय सहायक कलेक्टर, जह तक सम्भव हो विनिमय में उतनी भूमि दिये जाने का आदेश देगा जिसका मूल्य विनिमय में ली गई भूमि के मूल्य के लगभग बराबर हो और यदि मूल्य में कोई अन्तर हो, तो वह प्रतिकर के नकद भुगतान किये जाने का भी निदेश देगा।
(5) जब उपधारा (3) के अधीन भूमि के विनियम का निदेश दिया गया हो तो सहकारी कृषि समिति, उसके सदस्यों और उन व्यक्तियों को, जिनके भूमि का विनिमय हुआ हो विनिमय में मिली हुई भूमि में वही अधिकार प्राप्त होंगे, जो उन्हें विनिमय में दी गई भूमि में प्राप्त थे।
(6) सहायक कलेक्टर द्वारा इस धारा के अधीन दिये गये प्रत्येक आदेश के विरूद्ध अपील आयुक्त के समक्ष की जा सकेगी।