धारा-94. अभिनिर्णय या आदेश के पूर्व सम्पत्ति की कुर्की.- यदि निबन्धक या किसी प्रार्थना-पत्र, प्रतिवेदन या जच के आधार पर या अन्यथा वह समाधान हो जाये कि कोई व्यक्ति किसी आदेश, निर्णय या अभिनिर्णय के जो इस अधिनियम के उपबन्धों के अधीन उसके विरूद्ध दिया जाये प्रवर्तन में विलम्ब करने या बाधा डालने के विचार से यथास्थिति, निबन्धक मध्यस्थ, मध्यस्थ मण्डल अथवा परिसमापक के क्षेत्राधिकार से अपना सम्पूर्ण अथवा उसका कोई भाग हटाने वाला है तो वह जब तक कि पर्याप्त प्रतिभूति न दी जाये, उक्त सम्पत्ति की कुर्की का निदेश दे सकता है, और ऐसी कुर्की का वैसा ही प्रभाव होगा, मानों वह सक्षम दीवानी न्यायालय द्वारा की गई हो।