धारा-1[95क. कृषि समिति के देयों की वसूली के लिए विशेष उपबन्ध.- (1) निबन्धक, धारा 34 में निर्दिष्ट समिति या कृषि ऋण समिति द्वारा किसी सदस्य को दिये गये किसी ऋण या उसकी किसी किस्त की बकाया वसूली के लिये प्रार्थना-पत्र देने पर और ऐसे ऋण के सम्बन्ध में लेखा विवरण प्रस्तुत करने पर और ऐसी जच, यदि कोई हो, जिसे वह उचित समझे, करने के पश्चात् देय धनराशि की वसूली के लिये प्रमाण-पत्र जारी कर सकता है।
(2) उपधारा (1) के अधीन निबन्धक द्वारा जारी किया गया प्रमाण-पत्र अन्तिम और देयों को निश्चायक सबूत होगा जिसे 2[धारा 92 के अधीन निष्पादित] किया जा सकेगा।


टिप्पणिय


उपबन्धों के अधीन कार्यवाही- इस धारा के अधीन कार्यवाही केवल समिति द्वारा दिये गये किसी ऋण के बकाये की वसूली के लिए किया जा सकता है। इस धारा के उपबन्धों का प्रयोग समिति के किसी कर्मचारी द्वारा गबन की गयी रकम की वसूली के लिये नहीं किया जा सकता।
बीधा सिंह बनाम जिला निबन्धक, सहकारी समिति, मथुरा, 1986 ए0एल0जे0616: 1986 इला0एल0आर0 202 5 1986 इला0डब्लू0सी0552 5 1986 यू0पी0एल0बी0ई0सी0 441।