धारा-97. निबन्धक के अभिनिर्णय के विरूद्ध अपील.- (1) निबन्धक द्वारा धारा 71 के उपधारा (1) के खण्ड (क) अथवा उपधारा (2) के अधीन दिये गये किसी अभिनिर्णय से क्षुब्ध कोई व्यक्ति, उस दिनांक से जब वह अभिनिर्णय उस व्यक्ति को संसूचित किया गया हो, तीस दिन के भीतर न्यायाधिकरण के समक्ष अपील कर सकता है।
(2) इस धारा के अधीन अपील सुनने के पश्चात् न्यायाधिकरण ऐसा आदेश दे सकता है जो न्यायपूर्ण समझे।
टिप्पणी
धारा 71 की उपधारा (1) के खण्ड (क) अथवा उपधारा (2) के अधीन निबन्धक द्वारा किये यगे किसी अभिनिर्णय के विरूद्ध धारा 97 अपील के अधिकार का उपबन्ध करती है। धारा 71(1), 71(2) तथा धारा 97 के एक साथ पढने से यह स्पष्ट हो जाता है कि विधान मण्डल का आशय यही था कि अधिकरण Tribunal के समझ अपील तभी की जा सकेगी जब कि मूल अभिनिर्णय निबन्धक द्वारा किया गया हो। यदि मूल अभिनिर्णय निबन्धक द्वारा न किया जा कर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया गया हो और निबन्धक का अभिनिर्णय अपील में किया गया हो तो उसके अभिनिर्णय के विरूद्ध अधिकरण के समझ कोई अपील प्रस्तुत नहीं की जा सकती।