धारा-105. अपराध संज्ञान
-(1) प्रथम श्रेणी के वृतिग्रहाही (stipendiary) मजिस्ट्रेट के न्यायालय से निम्न श्रेणी का न्यायालय इस अधिनियके अधीन किसी अपराध की सुनवाई नही करेगा।
(2) निबन्धक की पूर्व स्वीकृति के बिना इस अधिनियम के अधीन कोई अभियोजना (Procecution) संस्थित नही किया जायेगा और ऐसी स्वीकृति उस व्यक्ति को जिसे अभियोजित करना हो अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिये बिना नही दी जायेगी।