धारा-109. कतिपय मामलों में न्यायाधिकरणों आदि को दीवानी न्यायालय के अधिकार-(1) किसी विवाद का निर्णय,किसी जच या निरीक्षण अपील की सुनवाई या किसी दावे की छानबीन करते समय निबन्धक, मध्यस्थ मण्डल,न्यायाधिकरण अथवा परिसमापक को निम्नलिखित विषयों में वे सभी अधिकार प्राप्त होगे जो कोड आफ सिविल प्रोसीजर, 1908 (ऐक्ट संख्या 5,1908) के अधीन किसी विवाद पर विचार करते समय दीवानी न्यायालय को प्राप्त होते हे अर्थात-
(क) किसी व्यक्ति को बुलाना और उसे उपस्थित होने के लिए बाध्य करना तथा शपपर उसका बयान लेना,
(ख) किसी लेख्य को प्रकट और प्रस्तुत करने की अपेक्षा करना,
(ग) शपथ पत्रों द्वारा तथ्यों की सिद्वि; और
(घ) साक्षियों के बयान देने के लिये कमीशन निकालना।
(2) उपधारा (1) के अधीन प्रस्तुत किये जाने वाले शपथ पत्र पर शपथ यथास्थिति निबन्धक, मध्यस्थ, मण्डल, न्यायाधिकरण या परिसमापक के समक्ष, अथवा निबन्धक या न्यायाधिकरण द्वारा तदर्थ नियुक्त किसी अधिकारी के समक्ष ली जा सकती है।