धारा-110. इण्डियन लिमिटेशन ऐक्ट, 1963 से छूट- इण्डियन लिमिटेशन ऐक्ट 1963 (ऐक्ट संख्या 35,1963) में किसी उपबन्ध के होते हुए भी, सहकारी समिति के किसी सदस्य द्वारा समिति को देय किसी धनराशि की जिसके अन्तर्गत  उस पर ब्याज भी है, वसूली के लिए वादों को संस्थिति करने के निर्मित अवधि की गणना उस दिनांक से की जायेगी जिस दिनांक को समिति के सदस्य की मृत्यु हो जाये या वह सदस्य न रह जायेः
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1. नयी धारा 106क उ0प्र0 अधिनियम संख्या 47 सन 2007 द्वारा बढ़ाया गया जो उ0प्र0 असाधरण गजट भाग-1 खण्ड (क) दिनांक 10 दिसम्बर 2007 को प्रकाशित हुआ।
2. अधिनियम सं0 25, 1994 द्वारा बढ़ाया गया (20.9.94)।
3. अधिनियम सं0 25, 1994 द्वारा बदला गया (20.9.94)।
4. अधिनियम सं0 25, 1994 द्वारा बढ़ाया गया (20.9.94)।