धारा-116. अधिनियम के अधीन नोटिस की तामील- सिवाय उस दशा के जब इस अधिनियम द्वारा या इसके अधीन अन्यथा व्यवस्था की गई हो, इस अधिनियम के अधीन जारी किया गया प्रत्येक नोटिस या दिया गया प्रत्येक आदेश किसी व्यक्ति पर उसके अन्तिम ज्ञात निवास या कारोबार के स्थान का ठीक से पता लिखकर और रजिस्ट्री डाक द्वारा ऐसा पत्र भेज कर, जिसमें नोटिस या आदेश हो, तामील किया जा सकता है और जब तक इसके प्रतिकूल सिद्ध न हो जाये वह तामील उस समय की हुई समझी जायेगी जब पत्र सामान्य क्रम में उसके पास पहच जाता।



टिप्पणी



संसूचना की रीति के विषय में धारा 116 विनिर्दिष्ट करती है। संसूचना शब्द के अन्तर्गत तामील निहित है। इस अधिनियम में यथोप बन्धित संसूचना के आभाव में धारा 98 (1) (घ) द्वारा अपेक्षित मर्यादा का प्रारम्भ होना चालू नही हो सकता। इस बात के प्रमाण के अभाव में कि आदेश की संसूचना प्रेषित की गई, अपील की मर्यादा के आधार पर खारिज नही किया जा सकता। इस धारा के उपबन्ध आज्ञापक (mandatory) स्वरूप के है।