धारा-117. वादों के लिए नोटिस का होना आवश्यक- समिति के संघटन, प्रबन्ध या कारोबार से सम्बन्धित किसी कार्य के सम्बन्ध में सहकारी समिति या उसके किसी अधिकारी के विरूद्ध  कोई वाद तब तक संस्थित नही किया जायेगा जब तक कि निबन्धक को ऐसा लिखित नोटिस जिसमें वादकरण, वादी का नाम, वर्णन और निवास स्थान और उसके द्वारा अभियाचित अनुंतोष दिया हो, दिये जाने या उसके कार्यालय में छोडे जाने के पश्चात दो मास व्यतीत न हो गये हो और वाद पत्र में इस बात का प्राक्कथन भी होगा कि ऐसा नोटिस इस प्रकार दे दिया या कार्यालय में छोड दिया गया है।