धारा-120. सहकारी समितियों के सचिव,प्रबन्धक आदि के रूप में नियुक्ति के लिए अर्हताएं-(1) कोई सहकारी समिति किसी व्यक्ति को सचिव,प्रबन्धक लेखाकार या किसी ऐसे अन्य अधिकारी के रूप में, जिसे समिति द्वारा वेतन या पारिश्रामिक दिया जाना हो तब तक नियुक्ति न करेगी, जब तक कि उसमें ऐसी अर्हतायें न हो, और ऐसी प्रतिभूति, यादि कोई हो, न दे दें जो निबन्धक किसी सहकारी समिति या समितियों के किसी वर्ग के सम्बन्ध में समय समय पर निर्दिष्ट करे।
(2) कोई व्यक्ति जो उपधारा (1) के उपबन्धों का उल्लंघन करके नियुक्त किया गया हो, निबन्ध द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा।



टिप्पणी



समितियों के सचिव की अर्हत इस अधिनियम की धारा 120 द्वारा सहकारी समितियो के निबन्धक के एक परिपत्र दिनांक 6 जून 1969 के माध्यम से विहित की गई है: 1 जून 1969 का परिपत्र उसमें विहित न्यूनतम अर्हता को किसी प्रकार कम करने की शक्ति किसी भी अधिकारी को प्रदान नही करता है। यदि कोई व्यक्ति सहकारी समिति के सचिव के पद के लिए विहित न्यूनतम अर्हता न रखते हुये भी सचिव नियुक्त किया जाता है, और वह बाद में अपनी नियुक्ति के निरस्तीकरण के आदेश के विरूद्ध  रिट याचिका दाखिल करना है, तो उसकी याचिका खारिज होने योग्य होगी।
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1. उ0प्र0 अधिनियम सं0 12, 1976 के द्वारा बढ़ाये गये (3.10.1975 से प्रभावी)