धारा-1[123-A. Functions of apex society- An apex society may, for servicing its constituents and in accordance with its bye laws, perform the following functions namely-

(a)  to take measures for the observance of cooperative principles

(b)  to promote and organize cooperative societies and for this purpose frame model bye laws, issue guidelines for making regulations and policies for consideration,

(c)  to provide cooperative training education and information and promote cooperative principles,

(d)  to undertake research and evaluation and assist in preparation of perspective development of member cooperative societies,

(e)  to promote harmonious relations amongst member cooperative societies,

(f)    to represent the interest of member cooperative societies and to make efforts for policies and legislation favourable to cooperative societies,

(g)  to undertake business services on behalf of its members,

(h)  to provide cooperative and management of development services to member cooperative societies including participation in board meeting where such member societies are invited,

(i)    to assist member cooperative societies in regular conduct of general meeting,

(j)    to evolve code of conduct for its members,

(k)  to evolve viability norms for its member,

(l)    to provide legal aid and advice to its members,

(m)to provide any other service in the interest of its members.]

 


टिप्पणीय



उ0प्र0 सहकारी समिति अधिनियम, 1965 धारा 122 तथा 123, धारा 122 तथा 123 की प्रकृति तथा उनका क्षेत्र दोनो उपबन्ध भिन्न भिन्न परिस्थितियों से बरतते है तथा उनका प्रयोजन भी अलग अलग है धारा 122 की प्रकृति सामान्य (general) है , जबकि धारा 123 के उपबन्ध विशिष्ट उपबन्ध है-दोनो में परस्पर कई विरोधी नही है। रामचन्द्र दीक्षित बनाम उप निबन्धक, सहकारी समिति। 1980 UPLBEC 326 (सं0 न्यायालय) (खण्ड पीठ)
धारा 123 यह उपबन्ध करती है कि राज्य सरकार एक परिसंघीय प्राधिकारी (federal authority) का गठन कर सकेगी या उसको मान्यता दे सकेगी। ऐसा गठन या ऐसी मान्यता की रीति ऐसी होगी जैसी कि राज्य सरकार विहित करे या ऐसी शर्तो के अधीन होगी जैसी कि
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1. अधिनियम सं0 25,1994 द्वारा बढ़ाया गया (20.9.94)

राज्य सरकार अधिरोपित करे। ऐसी शर्तो के अधीन पद का अर्थ अति विस्तृत है। कर्मचारियों की सेवा शर्तो से सम्बन्धित मामले के विषय में शक्ति प्रदान करना भी इसके अन्तर्गत  आता है। इस शक्ति के प्रयोग में राज्य सरकार सम्बद्ध  प्राधिकारी को कर्मचारियों की सेवा शर्तो के सम्बन्ध में विनियम बनाने की शाक्ति प्रदान कर सकती है। अतः वह विनिमय विद्यान मण्डल द्वारा प्रतिनिहित की गई शक्ति के अनुरूप ही है