धारा-132.वर्तमान समितियों के सम्बन्ध में अन्य उपबन्ध-(
1) कआपरेटिव सोसाइटीज ऐक्ट, 1912 (ऐक्ट संख्या 2,1912) के अधीन संस्थित या प्रारम्भ किये गये किसी वाद, अन्य कार्यवाही, जच या निरीक्षण के सम्बन्ध में, जह तक सम्भव हो, यह समझा जायेगा कि वह इस अधिनियम के अधीन संस्थित या प्रारम्भ किया गया है और तदनुसार जारी रखा जा सकता है।
(2) जिसे ऐसे अधिकार, कृत्य या कर्तव्य का प्रयोग, संपादन या निर्वहन इस अधिनियम के अधीन किसी ऐसे प्राधिकारी द्वारा अपेक्षित हों जो कोआपरेटिव सोसाइटीज ऐक्ट, 1912 के अधीन उस प्रयोजन के लिए व्यवस्थित प्राधिकारी से भिन्न हो, उस समय तक, जब तक कि इस अधिनियम के अधीन उक्त प्राधिकारी का संघटन या उसकी नियुक्ति न हो जाये, ऐसे प्राधिकारी द्वारा किया जाता रहेगा जो अब तक उक्त अधिकार, कृत्य कर्तव्यो का प्रयोग सम्पादन अथवा निर्वहन करता रहा हो और निबन्धक को इस अधिनियम के अधीन ऐसे अधिकारी के शीघ्र संघटन या नियुक्ति के लिए नियम रीति से कार्यवाही करने का अधिकार होगा।