धारा-14. उपविधियों में संशोधन करने का निर्देश देने का अधिकार - (1) यदि सहकारी समिति के किसी सदस्य के अभ्यावदेन पर या अन्यथा निबन्धक की यह राय हो कि सहकारी समिति की उपविधियों का संशोधन उक्त समिति के हित में अथवा सार्वजनिक हित में आवश्यक या वांछनीय है तो वह उन परिस्थितियों के अधीन जो निय की जाये, रजिस्ट्री डाक द्वारा समिति को लिखित आदेश जारी करे, समिति से अपेक्षा कर सकता है कि वह उक्त संशोधन ऐसे समय के भीतर करे जिसे वह आदेश में निर्दिष्ट करे।
(2) यदि समिति निर्दिष्ट समय के भीतर संशोधन न करे तो निबन्धक समिति को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् [ * * * ] ऐसे संशोधन को निबन्धित कर सकता है तथा समिति की रजिस्ट्री डाक द्वारा संशोधन की एक प्रति जो उसके द्वारा एक प्रतिलिपि के रूप में प्रमाणित की गयी हो, भेज सकता है तथा उक्त प्रति इस बात का निश्चायक साक्ष्य होगी कि संशोधन यथाविधि किया गया है और निबन्धित कर दिया गया है।