धारा-9. सहकारी समि‍तियॉ निगमित निकाय होंगी- निबन्धन हो  जाने से समिति उसी नाम से जिससे वह निबन्धित हुई हो, निगमित निकाय हो जायेगी, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार होगा तथा सामान्य मुद्रा होगी। उनका सम्पत्ति धारण करने, संविदाएं करने, वाद तथा अन्य विभिन्न कार्यवाहिया संस्थित करने तथा उनका प्रतिवाद करने और जिस प्रयोजन के लिए वह संघटित हों, उसके लिए आवश्यक सभी कार्य करने का अधिकार होगा।