धारा-23. अंश या हित के संक्रमण पर निर्बन्धन- (1) किसी सहकारी समिति की पूंजी में किसी सदस्य के अंश या हित का संक्रमण धारा 22 में निर्दिष्ट अधिकतम सीमा सम्बन्धी शर्तों और निर्बन्धन के अधीन होगा।
(2) किसी सदस्य द्वारा किसी सहकारी समिति की अंश पूंजी में अपने अंश या हित का संक्रमण वैध न होगा, यदि-
(क) सदस्य ने वह अंश या हित कम से कम एक वर्ष तक धारित न किया हो,
(ख) संक्रमण, समिति या समिति के किसी सदस्य के पक्ष में न किया गया हो, या

(ग) संक्रमण या अनुमोदन समिति के प्रबन्ध कमेटी द्वारा न किया गया हो।

(3) उपधारा (2) में किसी बात के होते हुए भी सहकारी समिति ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए जो नियत की जाये, समिति की पूंजी में किसी सदस्य के अंश या हित का संक्रमण, अर्जन अथवा उसे वापस करने की अनुज्ञा दे सकती है।

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1. उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 17, 1977 के द्वारा बदले गये।
2. उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 47, 2007 उपखण्ड (iii) बढाया गया जो उ0 प्र0 असाधारण गजट भाग-1 खण्ड(क) दिनांक 10 दिसम्बर, 2007 को प्रकाशित हुआ।
3. उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 1, 1972 के द्वारा प्रतिस्थापित।