धारा-24. किसी सदस्य की मृत्यु होने पर हित का संक्रमण -(1) सहकारी समिति के किसी सदस्य की मृत्यु हो जाने पर समिति, मृत सदस्य के अंश या हित का संक्रमण उस व्यक्ति या उन व्यक्तियों को करेगी जो नियत रीति से नाम निर्दिष्ट न किये गये हों अथवा यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार नाम निर्दिष्ट न किया गया हो तो ऐसे व्यक्ति को करेगी जो प्रबन्ध कमेटी को मृत सदस्य का दायाद अथवा विधिक प्रतिनिधि प्रतीत होः
प्रतिबन्ध यह है कि कोई भी ऐसा संक्रमण तब तक न किया जायेगा जब तक कि यथा स्थिति ऐसा नाम निर्दिष्ट व्यक्ति, दायाद अथवा विधिक प्रतिनिधि समिति का सदस्य न बना लिया जायेः
प्रतिबन्ध यह भी है कि यदि वह विवाद उठे कि कोई व्यक्ति मृत सदस्य का दायाद या विधिक प्रतिनिधि है अथवा नहीं तो वह निबन्धक को अभिदिष्ट किया जायेगा जो तदोपरान्त उसे धारा 71 के अधीन मध्यस्थ निर्णय के लिए भेजेगा, और सहकारी समिति इस धारा के प्रयोजनों के लिए, मध्यस्थ निर्णय की कार्यवाहियों में इस प्रकार अवधारित व्यक्ति को मृत सदस्य का दायाद या विधिक प्रतिनिधि मानेगी।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यथास्थिति कोई ऐसा नाम निर्दिष्ट व्यक्ति, दायाद अथवा विधिक प्रतिनिधि, समिति से इस बात की अपेक्षा कर सकता है कि उसे मृत सदस्य के अंश या हित के मूल्य का, जो नियत रीति से निर्धारित किया गया हो भुगतान करे और समिति दायित्व के बने रहने के लिए धारा 25 में व्यवस्थित अवधि के व्यतीत हो जाने की तीन माह के भीतर देय राशि का भुगतान कर देगी।
(3) सहकारी समिति ऐसे अन्य समस्त धनराशियों का भुगतान, जो समिति द्वारा मृत सदस्य को देय पायी जाये, यथास्थिति- नाम निर्दिष्ट व्यक्ति, दायाद अथवा विधिक प्रतिनिधि को करेगी।
(4) इस धारा के उपबन्धों के अनुसार सहकारी समिति द्वारा किये गये सम्पूर्ण संक्रमण और भुगतान किसी अन्य व्यक्ति द्वारा समिति से की गयी किसी मांग के विरूद्ध भी वै और प्रभावशाली होंगे।
प्रतिबन्ध यह है कि यह की हुई किसी बात का अधिकार-सम्पन्न दायाद अथवा विधिक प्रतिनिधि के ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध कोई दावा प्रस्तुत करने के अधिकार पर प्रभाव नहीं पडे़गा, जिसे इस धारा के अधीन कोई संकल्प या भुगतान किया गया हो।
(5) उपधारा (2) और (3) की किसी बात का इस अधिनियम के अधीन समिति के मृत सदस्यों के विरूद्ध अपने अवशिष्ट दावों को मृत सदस्य को देय अंश अथवा हित के मूल्य या अन्य धनराशियों से वसूल करने के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव न पडे़गा।