धारा-25. भूतपूर्व सदस्य की और मृत सदस्य की सम्पदा का दायित्व- (1) उपधारा (2) के उपबन्धों के अधीन रहते हुए किसी सहकारी समिति के ऐसे किसी भूतपूर्व सदस्य का अथवा किसी मृत सदस्य की सम्पदा का, समिति के ऐसे ऋणों के लिए दायित्व जो -
(क) किसी भूतपूर्व सदस्य की दशा में उस दिनांक को जब वह सदस्य ही न रह गया हो, और
(ख) किसी मृत सदस्य की दशा में उसकी मृत्यु के दिनांक को विद्यमान थे उस दिनांक से दो वर्ष की अवधि के लिए बना रहेगा।
(2) यदि धारा 72 के अधीन किसी सहकारी समिति के समापन का आदेश दिया जाये तो ऐसे भूतपूर्व सदस्य का या से मृत सदस्य की सम्पदा का दायित्व जो समापन आदेश के दिनांक के पूर्व दो वर्ष के भीतर यथा स्थिति सदस्य न रह गया हो या मर गया हो उस समय तक बना रहेगा जब तक कि समापन संबंधी सम्पूर्ण कार्यवाही पूरी न हो जाये किन्तु ऐसा दायित्व समिति के केवल उन ऋणों के संबंध में होगा जो यथा स्थिति, उसके सदस्य न रह जाने या मृत हो जाने के दिनांक को विद्यमान थे।