धारा-26. सदस्य बनाना अथवा सदस्यता छोड़ना -(1) इस अधिनियम, नियम तथा उपविधियों के उपबन्धों के अधीन रहते हुए किसी व्यक्ति को सहकारी समिति का सदस्य बनाया जा सकता है।
(2) यदि किसी व्यक्ति को किसी सहकारी समिति का सदस्य बनाना अस्वीकार कर दिया जाये तो अस्वीकार करने के निर्णय की संसूचना समिति द्वारा उस व्यक्ति को निर्णय के दिनांक से सात दिन के भीतर दे दी जायेगी।
(3) सहकारी समिति का कोई सदस्य, यदि यह समिति का ऋणी न हो या किसी अदत्त ऋण का प्रतिभूत न हो, समिति को कम से कम एक माह का नोटिस देने के बाद समिति की सदस्यता छोड़ सकता है, किन्तु प्रतिबन्ध यह है कि वह कम से कम इतनी न्यूनतम अवधि तक, यदि कोई हो, सदस्य रहा हो, जो समिति की उपविधियों में निर्धारित की जाये और जिनमें छः महीने तक की अवधि के नोटिस की भी व्यवस्था की जा सकती है। सदस्यता छोड़ देने के नोटिस की अवधि व्यतीत हो जाने के पश्चात्, उसके सम्बन्ध में यह समझा जायेगा कि उसने सदस्यता छोड़ दी है और धारा 25 में निर्दिष्ट अवधि के व्यतीत हो जाने पर, वह अपने अंशों के सम्बन्ध में, जो नियत रीति से सुनिश्चित किये गये हों, समिति द्वारा उसे देय धनराशियों की वापसी का हकदार होगा।