धारा-1[26क. प्रारम्भिक कृषि ऋण समितियों के लिए सर्वव्यापी सदस्यता -(1) कोई व्यक्ति जो इस अधिनियम, नियमों तथा उपविधियों के अधीन सदस्य बनाये जाने के लिए अर्ह है और किसी प्रारम्भिक कृषि ऋण समिति की सदस्यता के लिए नियत रीति से प्रार्थना पत्र देता है तो यह समझा जायेगा कि वह समिति के कार्यालय में ऐसे प्रार्थना पत्र के प्राप्त होने के दिनांक से ऐसी समिति का सदस्य बनाया गया हैः

(2) यदि उपधारा (1) के अधीन उक्त व्यक्ति के सदस्य बनाये जाने के दिनांक के पश्चात् किसी समय यह पता लगे कि सम्बद्ध व्यक्ति इस अधिनियम, नियमों या उपविधियों के अधीन ऐसी समिति का सदस्य होने के लिए अर्ह नहीं है, तो निबन्धक इस अधिनियम में दी गयी किसी बात के होते हुए भी, ऐसा पता लगने के दिनांक से तीन महीने अवधि के भीतर या तो स्वतः या सम्बद्ध समिति के प्रार्थना पत्र पर ऐसे व्यक्ति को कारण बताने का नोटिस दे सकता है कि उसे समिति की सदस्यता से क्यों न हटा दिया जाये, और ऐसा व्यक्ति निबन्धक के इस निमित दिये गये आदेश पर, आदेश के दिनांक से, ऐसी समिति का सदस्य न रह जायेगा।