धारा-27. सदस्य या समिति का निबन्धक द्वारा हटाना या निकाला जाना -(1) सहकारी समिति, संकल्प द्वारा किसी व्यक्ति को पनी सदस्यता से ऐसी प्रक्रिया के अनुसार और ऐसे कारणों से तथा ऐसी अवधि के भीतर जो नियत की जाये, हटा या निकाल सकती है।
(2) निबन्धक भी किसी व्यक्ति को सहकारी समिति सदस्यता से हटा या निकाल सकता है-
(क) यदि वह व्यक्ति सदस्यता के लिए अपेक्षित अर्हताओं की पूर्ति न करता हो या वह इस अधिनियम या नियमों अथवा समिति की उपविधियों के अधीन सदस्य होने के लिए अर्नहित हो जाये, और सहकारी समिति उस दशा में भी जब
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1. उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 40, 1976 से बढायी गयी (25.6.1976 से प्रभावी)


(ख) यदि वह व्यक्ति इस अधिनियम, नियमों या समिति की उपविधियों के उपबन्धों का उल्लंघन करके समिति का सदस्य न बनाया गया हो।
(3) उपधारा (1) के अधीन कोई संकल्प और उपधारा (2) के अधीन कोई आदेश तब तक पारित न किया जायेगा जब तक कि संबंधित सदस्य को उन कारणों के सम्बन्ध में जिनके आधार पर उसे हटाने या निकालने का प्रस्ताव हो, सुनवाई के लिए समुचित अवसर न दे दिया गया हो।

(4) उपधारा (1) के अधीन संकल्प या उपधारा (2) के अधीन आदेश का यथास्थिति, संकल्प या आदेश के विरूद्ध अपील के, यदि कोई हो, परिणाम के अधीन रहते हुए, उक्त संकल्प या आदेश की प्राप्ति के दिनांक से यह प्रभाव होगा कि इस प्रकार हटाये गये या निकाले गये सदस्य की सदस्यता समाप्त हो जायेगी, किन्तु इसका इस अधिनियम, तदन्तर्गत बनाये गये नियमों या समिति की उपविधियों के अधीन भूतपूर्व सदस्य के रूप में उसके अधिकारों और दायित्वों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पडे़गा।

(5) उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन निकाला गया या सहकारी समिति का कोई सदस्य उस दिनांक से जब निकाले जाने का संकल्प अथवा आदेश प्रभावी हो, दो वर्ष की अवधि तक उक्त समिति का फिर से सदस्य बनने का पात्र न होगा और वह फिर से सदस्य बनने के दिनांक के तीन वर्ष की अवधि के लिए उक्त समिति के अधीन कोई पद धारण करने अथवा उसकी प्रबन्ध कमेटी में निर्वाचन के लिए खड़े होने का भी पात्र नहीं होगा।