धारा-40. कतिपय दशाओं में समिति के दावे को पूरा करने के लिए वेतन से कटौती.- (1) तत्समय प्रचलित किसी विधि में किसी बात के होते हुये भी, किन्तु ऐसी शर्त के अधीन रहते हुए, यदि कोई हो, जो राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाये, सहकारी समिति का कोई सदस्य समिति के पक्ष में अनुबन्ध निष्पादित कर सकता है जिसमें यह व्यवस्थित हो कि उसका सेवायोजक उसके वेतन या मजदूरी में से, जो सेवायोजक द्वारा उसे देय हो, उक्त अनुबन्ध में निर्दिष्ट धनराशि की कटौती करने और समिति के सदस्य द्वारा देय ऋण अथवा अन्य मग की पूर्ति के लिए समिति को इस प्रकार की गई कटौती की धनराशि देने के लिए सक्षम होगा।
(2) तत्समय प्रचलित किसी विधि में किसी बात के होते हुए भी सहकारी समिति के लिखित रूप में ऐसी अपेक्षा करने पर सेवायोजक, उस समय तक जब तक कि उक्त ऋण या मग अथवा उसका कोई भाग शेष रहे, उपधारा (1) के अधीन निष्पादित अनुबन्ध के अनुसार उक्त कटौती करेगा और इस प्रकार की गई कटौती की धनराशियों का भुगतान कटौती के दिनांक से चदह दिन के भीतर समिति को करेगा।
(3) यदि सेवायोजक, बिना पर्याप्त कारण के उपधारा (2) के अनुसार उक्त कटौती न करे अथवा ऐसी कटौती कर लेने के पश्चात् के दिनांक से चदह दिन के भीतर समिति को इस प्रकार की गई कटौती की धनराशि का भुगतान न करे तो वह समिति के प्रति उतनी धनराशि का, जितना कि उसने यथास्थिति कटौती न की हो अथवा भुगतान न किया हो, देनदार होगा।