धारा-41. सहकारी समिति की पूजी में सदस्यों के अंशों या हितों के सम्बन्ध में प्रभार और मुजराई.- सहकारी समिति की देय किसी ऋण या अदत्त मांग के सम्बन्ध में सहकारी समिति का प्रभार किसी सदस्य, भूतपूर्व सदस्य अथवा किसी मृत सदस्य के पजी मे अंश अथवा हित पर और उसके द्वारा जमा की गई धनराशियों पर तथा किसी सदस्य या भूतपूर्व सदस्य अथवा किसी मृत सदस्य के दायादों अथवा विधिक प्रतिनिधियों को देय लाभांश, बोनस अथवा लाभों पर होगा और समिति तत्समय प्रचलित किसी अन्य विधि में किसी विपरीत बात के होते हुये भी उस सदस्य या उसके दायादों अथवा विधिक प्रतिनिधियों के नाम में या उन्हें देय किन्हीं धनराशियों में से उक्त किसी ऋण अथवा मग की धनराशि मुजरा कर सकती है।
            प्रतिबन्ध यह है कि किसी ऐसे वित्तपोषक बैंक का, जिससे समिति सम्बद्ध हो, प्रभार उस वित्तपोषक बैंक में सहकारी समिति द्वारा रक्षित निधि (Reserved fund) के रूप में कुल जमा की गई किसी धनराशि पर न होगा, यदि समिति द्वारा लिये गये ऋण की मूल धनराशियों में बैंक का अंश 75 प्रतिशत से कम हो और न उसे समिति के नाम में जमा या उसे देय किसी ऐसे धनराशि में से ऐसी समिति से प्राप्त कोई ऋण मुजरा करने का हक होगा।