धारा-50. शीर्ष तथा केन्द्रीय समितियों की क्षतिपूर्ति.- (1) यदि कोई सहकारी समिति, जिसमें अंश प्रमुख राज्य भागिता-निधि से क्रय किये जायें, समापित या विघटित हो जाये, तो राज्य सरकार का उस शीर्ष समिति पर जिसने अंश क्रय किये हों, ऐसे क्रय से होने वाली हानि के सम्बन्ध में कोई दावा ग्राहय नह होगा, परन्तु राज्य सरकार, यथास्थिति समापन की कार्यवाही में अथवा विघटन पर शीर्ष समिति द्वारा ऐसे अंशों के सम्बन्ध में प्राप्त किसी भी धन की हकदार होगी।
(2) यदि कोई सहकारी समिति, जिसमें अंश सहायक राज्य भागिता-निधि से क्रय किये जायें, समापित या विघटित हो जाये तो, राज्य सरकार का और न शीर्ष समिति का उस केन्द्रीय समिति के विरूद्ध जिसने अंश क्रय किये हों, ऐसे क्रय से होने वाली हानि के सम्बन्ध में कोई दावा ग्राहय होगा, किन्तु शीर्ष समिति, यथास्थिति समापन की कार्यवाही में अथवा विघटन पर, केन्द्रीय समिति द्वारा ऐसे अंशों के सम्बन्ध में प्राप्त किसी भी धनराशि की हकदार होगी, और ऐसा धन प्रमुख राज्य भागिता-निधि में जमा कर दिया जायेगा।