धारा-56. इस अध्याय के उपबन्ध अन्य विधियों को अभिभूति करेंगे.- तत्समय प्रचलित किसी अन्य विधि में किसी असंगत बात के होते हुए भी इस अध्याय के उपबन्ध प्रभावी होंगे।