धारा-61. ऋण पर निर्बन्धन.- (1) सहकारी समिति सदस्य से भिन्न किसी व्यक्ति को ऋण नहीं देगी।
प्रतिबन्ध यह है कि निबन्धक की सामान्य या विशेष स्वीकृत से सहकारी समिति किसी अन्य सहकारी समिति को ऋण दे सकती है।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, सहकारी समिति किसी निक्षेपक को उसके निक्षेप की प्रतिभूति पर ऋण दे सकती है।
(3) राज्य सरकार, गजट में विज्ञप्ति प्रकाशित करके, किसी सहकारी समिति द्वारा अचल सम्पत्ति के बंधक पर ऋण देने का सामान्यतः या विशेषतः प्रतिशोध कर सकती है या निर्बन्धित कर सकती है।