धारा-65. निबन्धक द्वारा जंच.- (1) निबन्धक स्वतः या उसके लिखित आदेश द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति किसी सहकारी समिति के संगठन, कार्य संचालन और वित्तीय दशा की जंच कर सकता है।
(2) उपधारा (1) में अभिदिष्ट प्रकार की जंच निबन्धक द्वारा अथवा उसके द्वारा तदर्थ लिखित रूप में प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा निम्नलिखित के प्रार्थना-पत्र पर की जायेगी-
(क) सहकारी समिति जिससे सम्बन्धित समिति सम्बद्ध (Affiliated) हो,
(ख) समिति के कुल सदस्यों के कम से कम एक तिहाई सदस्य,
(ग) समिति के प्रबन्ध कमेटी के अधिकांश सदस्य।
(3) निबन्धक या उपधारा (1) के अधीन उसके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति को इस धारा के अधीन जंच के प्रयोजनों के लिये निम्नलिखित अधिकार प्राप्त होंगे, अर्थात-
(क) वह सभी समयों पर समिति की, या समिति की अभिरक्षा में रखी गयी सभी बहियों, लेखों, लेख्यों, पत्रादि, नकदी और अन्य सम्पत्ति को देख सकेगा और ऐसे व्यक्ति को जिसके अधिकार में ऐसी कोई बहिय , लेखे, लेख्य, पत्रादि, प्रतिभूतिय , नकदी या अन्य सम्पत्ति हों या जो उनके लिए उत्तरदायी हो उन्हें प्रस्तुत करने के लिए समिति के मुख्यालय में या उसकी किसी शाखा में किसी भी स्थान पर आहूत कर सकता है,
(ख) वह ऐसे किसी व्यक्ति को जिसके सम्बन्ध में उसके पास यह विश्वास करने का कारण हो कि उसे समिति के किसी मामले का ज्ञान है, समिति के मुख्यालयों में या उसकी किसी शाखा में किसी भी स्थान पर उपस्थित होने के लिए आहूत कर सकता है और शपथ पर उसका बयान ले सकता है,
(ग) वह ऐसे किसी नियम या उपविधि के होते हुए भी जिसमें समिति की सामान्य बैठक के लिए नोटिस की अवधि निर्दिष्ट की गयी हो, समिति के अधिकारियों से समिति के मुख्यालय में या उसकी किसी शाखा में ऐसे समय और स्थान पर और ऐसे विषयों का निर्णय करने के लिए, जिनका वह निदेश दे, सामान्य बैठक बुलाने की अपेक्षा कर सकता है और यदि समिति के अधिकारी ऐसी बैठक बुलाने से इन्कार करें या न बुलायें तो उसे स्वयं ऐसी बैठक बुलाने का अधिकार होगा, और
(घ) वह उक्त रीति से और खण्ड(ग) में उल्लिखित परियोजन के लिए प्रबन्ध कमेटी की बैठक बुलाने की अपेक्षा कर सकता है या स्वयं उसे बुला सकता है।
(4) खण्ड (ग) या खण्ड(घ) के अधीन बुलाई गयी किसी बैठक को, समिति की उप-विधियों के अधीन, यथास्थिति, सामान्य बैठक या प्रबन्ध कमेटी की बैठक के अधिकार होंगे और उसकी कार्यवाही उन्हीं उपविधियों द्वारा विनियमित होगी।
(5) जब इस धारा के अधीन कोई जंच की गयी तो निबन्धक का परिणाम समिति को संसूचित करेगा और उस दशा में जब उपधारा (2) के खण्ड (क) के अधीन प्रार्थना-पत्र देने पर जंच हुई तो प्रार्थना-पत्र देने वाली सहकारी समिति को भी जंच का परिणाम संसूचित करेगा।

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1. धारा 64 उपधारा (4) के बाद उपधारा (5) उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 47 सन् 2007 द्वारा बढायी गयी जो उ0 प्र0 असाधारण गजट भाग-1 खण्ड (क) दिनांक 10 दिसम्बर, 2007 को प्रकाशित हुआ।