धारा-66. सहकारी समिति की बहियों और सम्पत्ति का निरीक्षण.- (1) निबन्धक स्वतः या किसी सहकारी समिति के ऋण दाता के प्रार्थना-पत्र पर, समिति की बहियों, नगदी तथा अन्य सम्पत्ति का निरीक्षण कर सकता है या ऐसे व्यक्ति को उनके निरीक्षण करने का निदेश दे सकता है जिस उसने लिखित आदेश द्वारा तदर्थ प्राधिकृत किया हो।
प्रतिबन्ध यह है कि ऐसा कोई निरीक्षण किसी ऋण दाता के प्रार्थना-पत्र पर तब तक नहीं किया जायेगा जब तक कि प्रार्थी निबन्धक का यह समाधान न कर दे कि ऋण उसे तत्समय प्रतिदेय है, और यह कि उसने भुगतान की मांग की है और उचित समय के भीतर वह अदा नहीं की गयी है।
(2) निबन्धक किसी ऐसे निरीक्षण या परिणाम निम्नलिखित को संसूचित करेगा-
(क) जब वह स्वतः निरीक्षण करे तो समिति को, और
(ख) जब किसी ऋण दाता के प्रार्थना-पत्र पर निरीक्षण करे तो ऋण दाता और समिति को।