धारा-67. जंच का व्यय.- यह धारा 65 के अधीन जंच की जाय, अथवा ऋण दाता के प्रार्थना पत्र पर धारा 66 के अधीन निरीक्षण किया जाए, तो निबन्धक व्यय की अथवा व्यय के उतने भाग का, जो वह उचित समझे सहकारी समिति, जिससे सम्बन्धित समिति सम्बद्ध हो, समिति, सदस्य अथवा ऋण-दाता जो जंच अथवा निरीक्षण की मांग करे और समिति के अधिकारियों अथवा भूतपूर्व अधिकारियों के बीच विभाजन कर सकता है।
प्रतिबन्ध यह है कि -
(क) ऐसे विभाजन के लिए कोई आदेश तब तक नहीं दिया जायेगा जब तक कि समिति अथवा उस व्यक्ति को जिसे उस आदेश में व्यय का देनदार ठहराया जा रहा हो सुनवाई का समुचित अवसर न दे दिया गया हो,
(ख) निबन्धक उन कारणों को लिखित रूप में व्यक्त करेगा जिनके आधार पर व्यय का विभाजन किया जायेगा।