धारा-68. अधिभार.- (1) यदि किसी सहकारी समिति की लेखा परीक्षा, जंच निरीक्षण अथवा समापन करते समय यह पता चला कि किसी व्यक्ति ने, जिसे इन समितियों के संगठन या प्रबन्ध का कार्य सौंपा गया है या सौंपा गया था अथवा जो समिति के किसी समय अधिकारी या कर्मचारी रहे हों कोई भुगतान इस अधिनियम, नियमों अथवा उपविधियों के प्रतिकूल किया है या कराया है या विश्वासघात करके अथवा जानबूझ कर उपेक्षा करके समिति की परिसम्पत्तियों को हानि पहुचायी है या उक्त समिति के किसी धन या अन्य सम्पत्ति का दुर्विनियोग किया है या उसे कपटपूर्वक रोक रखा है तो निबन्धक स्वतः अथवा कमेटी, परिसमापक या किसी ऋण-दाता के प्रार्थना करने पर उक्त व्यक्ति के आचरण की स्वयं जंच कर सकता है अथवा किसी ऐसे व्यक्ति को जिसे उसने लिखित आदेश द्वारा तदर्थ अधिकृत किया हो, उसकी जंच करने का आदेश दे सकता हैः
प्रतिबन्ध यह है कि इस उपधारा में अभिदिष्ट किसी भी कार्य अथवा कार्य-लोप के दिनांक से बारह वर्ष व्यतीत हो जाने के पश्चात् ऐसी कोई जंच आरम्भ न की जायेगी।
(2) यदि उपधारा (1) के अधीन जंच की जाये तो निबन्धक सम्बन्धित व्यक्ति को सुनवाई का समुचित अवसर देने के पश्चात् अधिभार का आदेश दे सकता है जिसमें वह उससे सम्पत्ति का प्रत्यावर्तित करने अथवा उक्त धन अथवा उसके किसी भाग का या प्रतिदान उस दर से ब्याज सहित करने अथवा उस मात्रा तक अंशदान और व्यय या प्रतिकर भुगतान करने, जिसे निबन्धक न्यायपूर्ण और सामयिक समझे, की अपेक्षा कर सकता हैः
(3) यदि उपधारा (2) के अधीन किसी व्यक्ति के विरूद्ध विश्वासघात करके अथवा जानबूझ कर उपेक्षा करके समिति की परिसम्पत्तियों को हानि पहुंचाने या उक्त समिति के किसी धन या अन्य सम्पत्ति का दुर्विनियोग या उसे कपटपूर्ण रोक रखने के लिए अधिभार का आदेश दिया गया हो तो, ऐसा व्यक्ति ऐसे आदेश के विरूद्ध प्रस्तुत अपील के, यदि कोई हो, परिणाम के अधीन रहते हुए अधिभार के आदेश के दिनांक से पंच वर्ष के लिये किसी सहकारी समिति में किसी पद पर बने रहने या निर्वाचित अथवा नियुक्त किये जाने के लिये अनर्ह होगाः


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उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1965 की धारा 68(1) कब लागू होती है - यह धारण किया गया कि उक्त धारा तब लागू होती है जबकि कोई व्यक्ति सहकारी समिति से धन बयाना के रूप में लेकर अपनी किसी भूमि के विक्रय की संविदा करे तथा तत्पश्चात् विक्रय-पत्र का निष्पादन न करे और कामतः गफलत द्वारा समिति की आस्तियों (assets) में कमी करे। जी0एल0वाही बनाम डिट्रक्ट असिस्टेंट रजिस्ट्रार, कोआपरेटिव सोसाइटीज, कानपुर आदि 1983 UPLBEC 541