धारा-69. त्रुटि सुधार आदेश का निबन्धक का अधिकार.- यदि धारा 64 के अधीन की गयी लेखा परीक्षा अथवा धारा 65 के अधीन की गयी जच अथवा धारा 66 के अधीन किये गये निरीक्षण के परिणाम स्वरूप निबन्धक की यह राय हो कि समिति सुस्थिति रूप में कार्य नहीं कर रही है अथवा उसका प्रबन्ध त्रुटिपूर्ण है तो वह इस अधिनियम के अधीन किसी अन्य कार्यवाही पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ऐसा आदेश दे सकता है जिसे वह समिति अथवा उसके अधिकारियों का आदेश में निर्दिष्ट समय के भीतर त्रुटियों को दूर करने के लिए कोई ऐसी कार्यवाही करने का आदेश दे जो इस अधिनियम, नियमों और उपविधियों से असंगत न हो और जो उक्त आदेश में निर्दिष्ट की जाये।