अध्याय 16
अंशदायी भविष्य निधि



201. (1) प्रत्येक ऐसी सहकारी समिति जिसकी सेवा में पांच या अधिक कर्मचारी पूर्णकालिक मौलिक नियुक्ति में हो, धारा 63 की उपधारा (1) में अभिदिष्ट अंशदायी भविष्य निधि की स्थापना करेगी।
(2) उक्त अंशदायी भविष्य निधि अधिनियम तथा उपलब्धों के अधीन रहते हुये ऐसी शर्तो द्वारा नियन्त्रित होगी जो समिति की उपविधियों में निर्धारित हों।
202. किसी सहकारी समिति की अंशदायी भविष्य निधि के नाम से जमा किये जाने वाले अंशदान निम्नलिखित शर्तो के अधीन होंगे -
(1) किसी कर्मचारी के मासिक अंशदान की दर वह होगी जो वह चाहे, किन्तु वह न तो उसके मासिक वेतन के पांच प्रतिशत से कम होगी और न पन्द्रह प्रतिशत से अधिक होगी, और
(2) प्रत्येक सहकारी वर्ष के अन्त में समिति के अंशदान की दर वही होगी जो समिति की प्रबन्ध कमेटी द्वारा अवधारित की जाये:
प्रतिबन्ध यह है कि समिति निबन्धक के अनुमोदन के बिना वर्ष के दौरान में कर्मचारी के वेतन के सवा छः प्रतिशत से अधिक अंशदान नहीं करेगी:
प्रतिबन्ध यह भी है कि यदि कोई सहकारी समिति इस नियमावली के प्रवृत्त होने के दिनांक से पूर्व किसी कर्मचारी के वेतन के सव छः प्रतिशत से अधिक अंशदान करती रही हो और ऐसे प्रतिशत को और प्रतिशत को और अधिक बढ़ाने का प्रस्ताव न हो तो उस दशा में निबन्धक के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रतिबन्ध यह भी है कि किसी दशा में समिति का अंशदान कर्मचारी के अंशदान से अधिक नहीं होगा।
203. अंशदायी भविष्य निधि के नियोजन पर प्रोद्भूति ब्याज अलग-अलग सम्बद्ध कर्मचारी के लेखे में, पिछले सहकारी वर्ष की समाप्ति पर उसके नाम से शेष धनराशि के अनुपात में जमा किय जायेगा।
204. अंशदायी भविष्य निधि निम्नलिखित किसी एक या अधिक रीति से विनियोजित की जायेगी-
(1) इण्डियन ट्रस्ट ऐक्ट, 1882 (ऐक्ट संख्या-2, 1882) की धारा 20 के निर्दिष्ट प्रतिभूति में, या
(2) इस प्रयोजन के लिये निबन्धक द्वारा अनुमोदित किसी बैंक में, या
(3) पोस्ट आफिस सेविंग्स बैंक में, या
(4) केन्द्रीय सरकार या भारत सरकार द्वारा चलाई गई किसी भी बचत योजना में।