अध्याय 26
लेख्यों का निरीक्षण और उनकी प्रमाणिक प्रतियां देना


373. 1[(क) किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति को, निबन्धक के कार्यालय के दाखिल किये किसी सार्वजनिक लेख्यों का, जिसके अन्तर्गत भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की धारा 123, 124, 129 और 131 के अधीन विशेषाधिकृत सार्वजनिक लेख्य नहीं है, निरीक्षण के प्रत्येक अवसर पर, तीस रूपये का शुल्क देने पर निरीक्षण करने की अनुज्ञा दी जाएगी।
(ख) उपनियम (क) के अधीन निरीक्षण करने के लिए अनुज्ञा तब तक नहीं दी जायेगी, जब तक कि ऐसा प्रार्थना पत्र  निबन्धक को न दिया गया हो जिसमें निरीक्षण किये जाने वाले लेख्यों और निरीक्षण करने का प्रायोजन न दिया गया हो  और निबन्धक का इस बात से समाधान न हो जाये कि निरीक्षण के लिए प्रार्थना पत्र देने वाला व्यक्ति किसी मामले में किसी भी बात के निवारण के लिये या किसी अन्य वैध प्रयोजन के लिये निरीक्षण करना चाहता है, जिसमें उसक हित ह
2[374 कोई भी व्यक्ति उपनियम (घ) में विनिर्दिष्ट दर पर शुल्क का भुगतान करके निबन्धक, मध्यस्थ, मध्यस्थ मण्डल, अपीलीय प्राधिकारी या परिसमापक के कार्यालय में दाखिल किये गये किसी सार्वजनिक लेख्य की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त कर सकता है। सार्वजनिक लेख्य के अन्तर्गत निबन्धक, मध्यस्थ, मध्यस्थ मण्डल, अपीलीय प्राधिकारी या परिसमापक के निर्णय आदेश या अभिनिर्णय भी होंगे।
(ख) उपनियम (क) के अधीन त तक कोई प्रतिलिपि नही दी जायेगी। जब तक कि यथास्थिति निबन्धक,  मध्यस्थ, मध्यस्थ मण्डल के अध्यक्ष, अपीलीय प्राधिकारी या परिसमापक का य समाधान न हो जाये कि ऐसी प्रतिलिपि के लिए प्रार्थना पत्र देने वाला व्यक्ति उसे ऐस किसी मामले में जिसमें उसक हित है किसी प्रकार के निवारण के लिए य किसी अन्य विविधपूर्ण प्रयोजन के लिये अपेक्षा करता हो।
(ग) इस नियम के अधीन दी गयी प्रमाणित प्रतिलिपि पर यथास्थिति निबन्धक, मध्यस्थ, मध्यस्थ मण्डल के अध्यक्ष,  अपीलीय प्राधिकारी या परिसमापक की मुहर होगी और हस्ताक्षर होगा।
3[(घ) इस नियम के अधीन लेख्य की प्रतिलिपि प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित दर से शुल्क लिया जाएगा-
(क) किसी सहकारी समिति के निबन्धन के लिए प्रार्थना पत्र 25.00 रू0
(ख) किसी सहकारी समिति के निबन्धन के लिए प्रमाण पत्र 25.00 रू0
(ग) किसी सहकारी समिति निबद्ध उपविधियां 2.00 रू0 प्रति पृष्ठ किन्तु कम से कम पच्चीस रूपय
(घ) किसी सहकारी समिति की उपविधिय का संशोधन 2.00 रू0 प्रति संशोधित उपविधि किन्तु कम से कम पच्चीस रूपय
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1. अधिसूचना सं0 3849/49-1-98-7(11)-97 लखनऊ दिनांक 31 अक्टूबर 1998 द्वारा प्रतिस्थापित।
2. उ0प्र0 सहकारी समिति (तेरहवां संशोधन) नियमावली 1981 द्वारा प्रतिस्थापित।
3. अधिसूचना सं0 3849/49-1-98-7(11)-97 लखनऊ दिनांक 31 अक्टूबर 1998 द्वारा प्रतिस्थापित।


(ड) कोई अन्य लेख्य 5.00 रूपये प्रति पृष्ठ किन्तु कम से कम पच्चीस रूपये।
375. धारा 115 के प्रयोजन के लिए, किसी सहकारी समिति की बहियों को प्रविष्टियों की प्रतिलिपियां यथाविधि प्रमाणित समझी जायेगी, यदि समिति द्वारा तदर्थ प्राधिकृत प्रबन्धक कमेटी के किसी सदस्य द्वारा उसके निदेशाधीन तैयार की जायें और उसके द्वारा तथा समिति के सभापति, या उपसभापति या सचिव द्वारा ठीक प्रमाणित की जाये।
प्रतिबन्ध  यह है कि ऐसी प्रमाणित प्रतिलिपि पर समिति की मुहर अवश्य होगी। समिति ऐसी प्रमाणित प्रतिलिपियां जारी करने के लिए ऐसे शुल्क ले सकती है जो समिति की उपविधिय में निर्धारित हों।
376. किसी सहकारी समिति को कोई सदस्य, कार्यालय के घन्टों में किसी समय समिति के सचिव को प्रार्थना पत्र देकर और समित की उपविधियों में निर्दिष्ट दर पर समिति को शुल्क देकर, या तो स्वयं अथवा किसी एजेन्ट द्वारा जो समिति का सदस्य होगा और तदर्थ लिखित रूप में यथाविधि प्राधिकृत होगा, समिति के लेख्यों का केवल उतना निरीक्षण कर सकता है, जहां तक उनका सम्बन्ध समिति के साथ सदस्य के व्यवहारों का हों।