अध्याय 27
अवैतनिक आयोजकों तथा अवतनिक प्रबन्धकों के कर्तव्य तथा
कृत्य और भत्तों तथा मानदेय का भुगतान


377. अवैतनिक आयोजक किसी समिति के संघटन के दौरान में अपने द्वारा प्राप्त प्रत्येक धनराशि के लिए वैध रसीद देगा। वह आय तथा व्यय का उचित लेखा रखेगा और सभी प्रतियां निबन्धक के आदेशानुसार स्थानीय जिला या केन्द्रीय सहकारी बैंक में जमा करेगा। वह अपने द्वारा अपने आदे के अधीन प्राप्त ऐसी धनराशि के लिये, जिसका उचित रूप में लेखा न रखा गया हो, जिम्मेदार होगा।
378. कोई अवैतनिक आयोजक किसी समिति के संघटन के दौरान से अपने द्वारा की गयी सेवाओं या अपने वैयक्तिक श्रम के लिये कोई धनराशि, सिवाय ऐसी धनराशि के जो समिति के निबन्धक के पश्चात् निर्मित प्रबन्ध कमेटी के निबन्धक के अनुमोदन से स्वीकृत करें, नहीं लेगा। संघटन के दौरान किया गया कोई व्यय तब तक वैध नहीं होगा जब तक कि वह उपर्युक्त कमेटी द्वारा अनुमोदित न कर दिया जाये। अवैतनिक आयोजक ऐसी व्यय की गई धनराशि को, जो उपर्युक्त प्रबन्ध कमेटी द्वारा न हो, वापस करने के लिये जिम्मेदार होगा।
379. कोई अवैतनिक आयोजक प्रस्तावित समिति की ओर से न तो कोई कारोबार करेगा और न समिति की ओर से कोई  दायित्व लेगा।
380. कोई आयोजक, पूर्ववर्ती नियमों के उपबन्धों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना-
(1) समिति के निबन्धके लिए प्रार्थना पत्र का प्रपत्र और समिति द्वारा अंगीकार की जाने वाली उपविधियां प्राप्त करेगा;
(2) उन व्यक्तियों को जो समिति के सदस्य बनने के इच्छुक हों, प्रस्तावित समिति के उद्देश्य तथा उसकी योजना और सहकारिता के मुख्य सिंद्धात स्पष्ट करेंगा ;
(3) समिति की उपविधियों, उसकी कार्य योजना पर वाद-विवाद करने और उसे अंगीकार करने के लिए और निबन्घक के लिये प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर करने के निमित्त मुख्य प्रवर्तक तथा प्रथम हस्ताक्षरी को नियुक्त करने के लिये इच्छुक सदस्यों को संघटन सम्बन्धी बैठकें आयोजित करेगा;
(4) निबन्धन के लिए प्रार्थना पत्र भरेगा और संगठन प्रतिवेदन और अन्य विवरण पत्र उसके सम्बन्ध में तैयार करेगा जो समिति के निबन्धके लिये आवश्यक हो;
(5) निबन्धन की ऐसी अन्य सूची प्रस्तुत करेगा जो संगठन प्रक्रिया के दौरान तथा विवरणियों में निबन्धक द्वारा अपेक्षित हो;
(6) समिति के निबन्धन के पश्चात् निर्मित प्रबन्ध कमेटी की आय तथा व्यय के लेखे प्रस्तुत करेगा ; और।
(7) प्रस्तावित समिति के सभी पत्रादि तथा सम्पत्ति, यदि कोई हो, का भार नियम 5 में अभिदिष्ट प्रथम हस्ताक्षरी को सौपेंगा।
381. जब कोई व्यक्ति किसी सहकारी समिति का अवैतनिक प्रबन्धक नियुक्त किया जाये तो उसकी नियुक्ति की शर्ते नियुक्ति के आदेश में निर्दिष्ट होंगी। वह प्रबन्धक के लिए समिति की उपविधियों में निर्दिष्ट या समिति के सामान्य निकाय अथवा उसकी प्रबन्ध कमेटी द्वारा निर्धारित सभी कर्तव्यो का पालन तथा कृत्यों का सम्पादन और समिति के सचिव के नियन्त्रण और अधीक्षक के अधीन कार्य करेगा।
382 कोई अवैतनिक प्रबन्धक समिति के लिए की गई अपनी सेवाओं के प्रति न तो कोई नियमित पारिश्रमिक लेगा और न स्वीकार करेगा किन्तु वह उस मानदेय का हकदार हो सकता है जो समिति के अधिकारियों को अधिनियम, इन नियमावली या समिति की उपविधियों के उपबन्धों के अधीन ग्राह हो। ऐसा अवैतनिक प्रबन्धक न तो समिति की प्रबन्धक कमेटी का सदस्य होगा और न ही उसे समिति की सेवा में समझा जायेगा।
383. किसी समिति के सभापति, उपसभापति या प्रबन्ध कमेटी के किसी सदस्य को कोई मानदेय नहीं दिया जायेगा।
1[384. किसी सहकारी समिति के कर्मचारी अथवा उसकी प्रबन्ध कमेटी के सदस्य के अतिरिक्त अन्य किसी व्यक्ति की, सिवाय निबन्धक की सामान्य अथवा विशेष अनुज्ञा, समिति की किसी बैठक में भाग लेने के लिए यात्रा भत्ता नहीं दिया जायेगा।
385. किसी सहकारी समिति का प्रतिनिधि उस केन्द्रीय सहकारी समिति के, जिसकी सदस्य उसकी समिति हो, सामान्य निकाय की बैठक में उपस्थित होने के लिए अपनी समिति से यात्रा भत्ता पायेगा।
प्रतिबन्ध यह है कि उसे यात्रा भत्ता तभी दिया जायेगा जब केन्द्रीय समिति द्वारा यह प्रमाणित कर दिया जाये कि वह सामान्य निका की उक्त बैठक में उपस्थित हुआ था।
386. कोई भी सहकारी समिति किसी सदस्य, प्रतिनिधि या अधिकारी को यात्रा भत्ता की जब तक अनुज्ञा न देगी जब तक कि यात्रा भत्ता बिल निबन्धक द्वारा इस प्रयोजन के लिए निर्दिष्ट प्रपत्र में यथाविधि न प्रस्तुत किया जाये और जब तक कि उसके साथ आवश्यक प्रमाण पत्र न हों।
2[387. (क) यात्राभत्ता के दावे में निम्नलिखित होगा -
(1) जिस श्रेणी में वास्तव में यात्रा की जाये उसका किराया, किन्तु उस श्रेणी से अधिक का नहीं जिसके लिए दावेदार उपनियम (ग) के अधीन हकदार हो।
(2) प्रासंगिक व्यय जो उस श्रेणी के जिसके लिए दावेदार (ग) के अधीन हकदार हो, किराये के आधे के बराबर धनराशि, यदि यात्रा हवाई जहाज द्वारा अथवा वातानुकूलित श्रेणी में रेल द्वारा न की जाये।
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1. अधिसूचना संख्या-196 सी0 1/12-सी0-ए0-5(1)-69-B दिनांक 15 जून 1972 के रखे गये।
2. अधिसूचना संख्या-196 सी0 1/12-सी0-ए0-5(1)-79-B दिनांक 15 जून 1972 के द्वारा रखे गये।

(3) दैनिक भत्ता जैसा नियम 388 में व्यवस्थित हो।
(ख) उपनियम (क) के खण्ड (2) में की गयी प्रासंगिक व्यवस्था के कारण रेलवे/बस स्टेशन से कैम्प की ओर वहां से वापसी के लिए सड़क भत्ता के लिए कोई व्यय नहीं दिया जायेगा।
(ग) निबन्धक के पूर्वानुमोदन के अधीन रहते हुये, कोई सहकारी समिति अपनी वित्तीय स्थिति और कार्यकारी पूंजी को ध्यान में रखकर ही उस श्रेणी का निश्चित करेगी जिसमें उसकी प्रबन्ध कमेटी के सदस्य, प्रतिनिधि तथा अधिकारी सहकारी वर्ष के दौरान यात्रा करने के हकदार होंगे।
प्रतिबन्ध यह है कि वह श्रेणी निम्नलिखित से ऊंची न होगी --
(1) द्वितीय श्रेणी उस सहकारी समिति की दशा में, जिसकी कार्यकारी पूंजी पूर्ववर्ती 30 जून को पांच लाख रूपये से कम हो;
(2) प्रथम श्रेणी, किसी अन्य सहकारी समिति की दशा में:
अग्रेत्तर प्रतिबन्ध यह है कि नियम 388 के उपनियम (ख) के खण्ड (1) के अन्तर्गत अपने वाली सहकारी समिति अपने अधिकारियों की वातानुकूलित कोच द्वारा हवाई जहाज द्वारा यात्रा करने की अनुज्ञा दे सकती है।
(घ) यदि यात्रा किसी ऐसी गाड़ी में जिसके लिए किराया या चालान व्यय दिया गया हो, सड़क से की गई हो तो व्यक्ति, उपनियम (क) के खण्ड (2) में उल्लिखित प्रासंगिक व्यय के अतिरिक्त किराये का जिसके लिए वह उपनियम (ग) के अधीन हकदार हो, हकदार होगा।
(ड) यात्रा भत्ता या तो उसके दावा करने वाले व्यक्ति द्वारा वास्तव में की गयी यात्रा की दूरी या बैठक के स्थान और उसके निवास स्थान के बीच की दूरी, उसमें जो भी कम हो, के लिए दिया जायेगा।
(च) इस नियमावली में की गई व्यवस्था के सिवाय किसी सदस्य को ऐसी समिति के, जिसका वह सदस्य हो, सामान्य निकाय की बैठक में उपस्थित होने के लिए कोई यात्रा भत्ता ग्राहृय नहीं होगा।
स्पष्टीकरण-शब्द श्रेणी का तात्पर्य उस श्रेणी से है, जिससे रेल बस द्वारा यात्रा की जाये।
1[388 (क) किसी सहकारी समिति द्वारा कारोबार के प्रत्येक दिन के कार्य के लिये ऐसी दर पर, जो उपनियम (ख) में विनिर्दिष्ट दरों के अधीन न हो दैनिक भत्ते की अनुज्ञा दी जा सकती है।
(ख) उपनियम (क) के प्रयोजन के लिये दैनिक भत्ते की दर निम्नलिखित अधिकतम सीमा के अधीन होगी -
(1) शीर्ष सहकारी समिति र ऐसी अन्य समिति की दशा में जिसे निबन्धक उसके वित्तीय तथा कारबार की दशा को ध्यान में रखकर और कारणों को अधिलिखित करते हुए शीर्ष समिति के सममूल्य अधिसूचति करें और एक सौ पचास रूपये प्रतिदिन:
प्रतिबन्ध यह है कि किसी शीर्ष समिति की दशा में कारबार के पूर्ववर्ती दिन और पश्चात्वर्ती दिन के लिये भी दैनिक भत्ता उक्त दर पर अनुमन्य होगा:
अग्रेत्तर प्रतिबन्ध यह है कि कारोबार का पूर्ववर्ती दिन या पश्चात्वर्ती दिन कारबार का दिन नहीं होगा;
(2) केन्द्रीय सहकारी समिति की दशा में पचहत्तर रूपया प्रतिदिन;


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1. अधिसूचना संख्या-2223/49-1-2001-7(10)-95 टी0सी0 20 जुलाई 2001 द्वारा प्रतिस्थपित।


(3) प्रारम्भिक कृषि सहकारी समिति की दशा में तीस रूपया प्रतिदिन;
(4) किसी अन्य सहकारी समिति की दशा में साठ रूपया प्रतिदिन।
(ग) यदि यात्रा भत्ता के प्रयोजनों के लिये समिति को किसी श्रेणी के बारे में कोई संदेह हो तो निबंधक की राय अंतिम होगी।
389. (क) किसी भी यात्रा के लिए एक से अधिक स्रोत से यात्रा भत्ता जिसमें दैनिक भत्ता सम्मिलित ह अनुज्ञेय नहीं हगा। कोई व्यक्ति जो किसी विशिष्ट सहकारी समिति से यात्रा भत्ता का दावा करें, यात्रा भत्ता बिल के साथ इस आशय का एक प्रमाण पत्र प्रस्तत करेगा कि उसने उसी श्रेणी में यात्रा की है जिसके लिए बिल में चार्ज किया गया है और बिल में उल्लिखित यात्रा के लिए यात्रा भत्ता का न तो दावा किया गया और न किसी अन्य स्रोत से लिया गया है।
(ख) कोई अन्य विषय जो यात्रा और दैनिक भत्ता से सम्बन्धित हो और इन नियमों के अन्तर्गत न आता हो, इस विषय पर संगत सहकारी नियमों से नियन्त्रित होगा।
1[389क राज्य सरकार गजट में अधिसूचना प्रकाशित करके धारा 122 के अधीन प्राधिकारी या प्राधिकारियों का संघटन कर सकती है।