उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1965
[उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 11, 1966]
       [उत्तर प्रदेश विधान सभा ने दिनांक 1 सितम्बर, 1965 ई0 तथा उत्तर प्रदेश विधान परिषद  ने  दिनांक 10 सितम्बर, 1965 की बैठक में स्वीकृत किया।]


उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 1 सन् 1972 उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 25 सन् 1994
उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 12 सन् 1976 उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 17 सन् 1995
उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 40 सन् 1976 उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 1 सन् 1997
उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 17 सन् 1977 उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 2 सन् 1998
उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 5 सन् 1983 उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 19 सन् 1998
उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 5 सन् 1987 उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 30 सन् 2000
उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 4 सन् 1989 उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 8 सन् 2003
उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 12 सन् 1990 उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 29 सन् 2007
उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 7 सन् 1994 उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 46 सन् 2007 और
उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 17 सन् 1994 उ0 प्र0 अधिनियम संख्या 47 सन् 2007

[भारत का संविधान' से अनुच्छेद 201 के अन्तर्गत राष्ट्रपति ने 24 मार्च, 1966 ई0 को अनुमति प्रदान की तथा उत्तर प्रदेशीय सरकारी असाधारण गजट में दिनांक 5 अप्रैल 1996 ई0 को प्रकाशित हुआ।]
उत्तर प्रदेश में सहकारी समितियों से सम्बद्ध विधि को संहत और संशोधित करने के लिये अधिनियम ।
भारतीय गणतन्त्र के सोलहवें वर्ष में निम्नलिखित अधिनियम बनाया जाता है:

 

अध्याय 1
प्रारम्भिक


धारा-1. संक्षिप्त शीर्ष नाम तथा प्रारम्भः (1) यह अधिनियम उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1965 कहलायेगा।
2. इसका प्रसार समस्त उत्तर प्रदेश राज्य में होगा।
3. यह उस दिनांक से प्रचलित होगा जो राज्य सरकार, सरकारी गजट में विज्ञप्ति द्वारा तदर्थ निश्चित करें:
प्रतिबन्ध यह है कि ऐसा दिनांक निश्चित करते समय राज्य सरकार या घोषणा कर सकती है कि घोषणा में निर्दिष्ट किये जाने वाले कोई उपबन्ध इस प्रकार निश्चित दिनांक से प्रचलित न होंगे और उस दशा में ऐसे उपबन्ध दिनांक या उन दिनांकों से प्रचलित होंगे जो राज्य सरकार उसी प्रकार तदर्थ निश्चित करें।


टिप्पणी


लागू होने के दिन- गजट में अधिसूचना सं09171-ग-क-10-9-62, दिनांक 30.12.1967 द्वारा यह कुल अधिनियम (सिवाय धारा 135 के ) दिनांक 29-1-68 से लागू किया गया।