नागरिक अधिकार पत्र

 

0प्र0 सहकारी समिति अधिनियम-1965 एवं उ0प्र0 सहकारी समिति नियमावली 1968, जिन्हे आगे क्रमश: अधिनियम एवं नियमावली कहा गया है, के अधीन विभाग में यथास्थिति व्यक्तियों, सहकारी समिति के सदस्यों एवं पदाधिकारियों के लिए नागरिक चार्टर निम्नवत है:-

  1. अधिनियम की धारा 7 के अधीन सहकारी समिति गठित करना।

  2. अधिनियम की धारा 17 के अधीन सहकारी समिति का सदस्य बनना।

  3. सहकारी समिति द्वारा दी जाने वाली विभिन्न्‍ सुविधाओं को प्राप्त करना।

  4. सहकारी समिति की बैठकों एवं पदाधिकारियों के निर्वाचन में भाग लेना।

  5. अधिनियम की धारा 65 के अधीन सहकारी समिति के कार्यकलापों की जाँच हेतु परिवाद प्रस्तुत करना।

  6. अधिनियम की धारा 70 के अधीन विवादों के निपटारे हेतु मध्यस्थ वाद प्रस्तुत करना।

  7. अधिनियम की धारा 98 के अधीन कतिपय आदेशों/निर्णयों/अभिनिर्णयों इत्यादि से सम्बन्धित अधोलिखित मामलों में अपील प्रस्तुत करना:-

(क) धारा 7 की उपधारा (2) के अधीन निबन्धक द्वारा दिया गया ऐसा कोई आदेश जिसमें किसी सहकारी समिति को निबन्धित करने से इनकार किया गया हो।

(ख) निबन्धक को कोई ऐसा आदेश, जिसमें किसी सहकारी समिति की उपविधियों में किसी संशोधन की धारा 12 की उपधारा (3) के अधीन निबद्व करने से इनकार किया गया हो, अथवा धारा 14 की उपधारा (2) के अधीन निबद्व किया गया है।

(ग) किसी सहकारी समिति को कोई निर्णय, जिसमें धारा 26 की उपधारा (2) के अधीन किसी व्यक्ति को समिति का सदस्य बनाने से इनकार किया गया हो, 2"{" या धारा 38 की उपधारा (1) के अधीन किसी अधिकारी को उसके पद से हटाने के लिये या कोई पद धारण करने से अनर्हित करने के लिए किया गया कोई आदेश" बढ़ा दिये जायेगें}।

(घ) धारा 27 उपधारा (2) के अधीन किसी सदस्य को निकालने या हटाने अथवा धारा 38 की उपधारा (2) के अधीन सहकारी समिति के किसी अधिकारी को हटाने या अनर्हित करने का निबन्धक का कोई आदेश।

(ड) धारा 35 के अधीन किसी सहकारी समिति की प्रबन्ध कमेटी को अवकान्त करने का निबन्धक का आदेश।

(च) धारा 65 अधीन की गयी किसी जांच अथवा धारा 66 के अधीन किये गये किसी निरीक्षक के व्ययों को विभाजित करने की धारा-67 के अधीन निबन्धक द्वारा किया गया कोई आदेश।

(छ) धारा 68 के अधीन निबन्धक द्वारा दिया गया अधिमान का कोई आदेश।

(ज) धारा 71 की उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन किसी सदस्य मध्यस्थ या मध्यस्थ मण्डल द्वारा किया गया कोई अभिनिर्णय।

(झ) धारा 72 के अधीन निबन्धक द्वारा दिया गया अधिमान का कोई आदेश, जिसमें किसी सहकारी समिति के समापन
(Winding up) का निदेश निदेश दिया गया हो।

(
) धारा 74 के खण्ड (ख) तथा (छ) द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके सहकारी समिति के परिसमापक द्वारा दिया गया कोई आदेश।

(ट) धारा 92 के खण्ड (ख) के अधीन कार्यवाहियों के सम्बन्ध में पक्षों के मध्य उत्पन्न होने वाले किसी ऐसे प्रश्न पर जो कोड आफ सिविल प्रोसीजन, 1908 (ऐक्ट संख्या 5,1908) धारा 47 में निर्दिष्ट प्रकार का हो, निबन्धक द्वारा दिया गया कोई आदेश।

(ठ) धारा 94 के अधीन निबन्धक द्वारा दिया किसी सम्पत्ति की कुर्की के लिये दिया गया आदेश।

(ड) निबन्धक की धारा 125 के अधीन कोई आदेश, जिसमें समामेलन
(amalgamaton) या विलयन का निदेश दिया गया हो, या धारा-126 के अधीन कोई आदेश जिसमें विभाजन का निदेश दिया गया हो।
(ढ) धारा 128 के अधीन निबन्धक द्वारा किसी संकलप को रद्द करने या किसी आदेश को निरस्त करने के लिये दिया गया।